भारत की ओर से बनाए गए कूटनीतिक और सैन्य दबाव के आगे झुकते हुए पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करने का फैसला किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नेशनल असेंबली के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हम शांति की पहल के तहत विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा कर रहे हैं। इसे पाकिस्तान की कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

इससे पहले, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक टीवी चैनल से कहा था कि अगर भारतीय पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को लौटाने से दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है, तो पाकिस्तान इसके लिए तैयार  है। उन्होंने कहा कि विंग कमांडर अभिनंदन को युद्ध बंदी का दर्जा देने पर कुछ दिनों में फैसला होगा। कुरैशी ने यह भी दावा किया था कि पाकिस्तानी पीएम इमरान खान भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी को फोन करने के लिए भी तैयार हैं। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को दो टूक कह दिया था कि हमें पायलट की जल्द रिहाई चाहिए, लेकिन इसके लिए किसी तरह की सौदेबाजी का कोई सवाल ही नहीं है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान कंधार मामले जैसा दवाब बनाने की कोशिश कर रहा था लेकिन भारत किसी भी तरह की डील के लिए तैयार नहीं है। भारत ने साफ कर दिया कि अगर उसके पायलट को कुछ होता है तो पाकिस्तान को इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा। 

14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले में 40 से ज्यादा जवानों के शहीद होने के बाद से ही भारत-पाकिस्तान में तनाव चरम पर है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ वायुसेना की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने बुधवार को भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले की नाकाम कोशिश की थी। पाकिस्तान के 10 एफ-16 विमानों को भारतीय वायुसेना के विमानों ने न सिर्फ खदेड़ दिया, बल्कि एक एफ-16 को मार गिराया, जिसका मलबा पीओके में गिरा। इस दौरान, भारत का एक मिग-21 विमान दुर्घटना का शिकार हो गया और उसके पायलट विंग कमांडर अभिनंदन 'लापता' हो गए। वह पाकिस्तान के कब्जे में हैं।