हौसले की मिसाल: कैंसर को हराकर खड़ा किया 39 लाख का कारोबार, 1500 रुपये से की थी शुरूआत

Rajkumar Upadhyaya |  
Published : Nov 26, 2024, 01:05 PM ISTUpdated : Nov 26, 2024, 01:10 PM IST
हौसले की मिसाल: कैंसर को हराकर खड़ा किया 39 लाख का कारोबार, 1500 रुपये से की थी शुरूआत

सार

लवीना जैन ने कैंसर और आर्थिक तंगी को मात देते हुए 1500 रुपये से छोटे अचार के बिजनेस की शुरुआत की। आज उनका ब्रांड 'तृप्ति फूड्स' 70 से अधिक प्रोडक्ट्स के साथ सालाना 39 लाख रुपये का कारोबार कर रहा है। 

नई दिल्‍ली: मेरठ की रहने वाली लवीना जैन ने कैंसर जैसी बीमारी और आर्थिक तंगी के बावजूद हार नहीं मानी। अपने बच्चों के भविष्य को सेफ करने के लिए बिजनेस करने का निर्णय लिया। महज 1500 रुपये से छोटा सा अचार का बिजनेस शुरू किया। अब वही 39 लाख रुपये के सालाना कारोबार में तब्दील हो चुका है। कठिन परिस्थितियों में कारोबार खड़ा कर लवीना ने मिसाल कायम कर दी है, जो यूथ के लिए इंस्पिरेशनल है। 

कैंसर से जूझ चुके हैं पति-पत्नी

लवीना और उनके पति दोनों कैंसर से जूझ चुके हैं। जब उन्हें कैंसर का पता चला, तो उनके पास इकोनॉमिक प्रॉब्लम का सामना करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। समाज के लोगों ने उन्हें घर बेचने तक की सलाह दी। लेकिन लवीना ने ठान लिया था कि वह न केवल अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करेंगी, बल्कि खुद को भी साबित करेंगी।

2011 में बिजनेस की शुरूआत

2011 में, उन्होंने अपने घर पर अचार, जैम, और स्क्वैश बनाना शुरू किया। शुरुआत में उनके पास केवल 1500 रुपये थे। उनके पहले प्रोडक्ट नींबू का स्क्वैश और ठंडाई थे। शुरुआती दिनों में परिवार ने पैकिंग, लेबलिंग, और प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग में उनकी मदद की।  

कैंसर से ठीक होने के बाद ट्रेनिंग

लवीना ने कैंसर से ठीक होने के बाद एक 100-दिवसीय फूड प्रिजर्वेशन ट्रेनिंग में भाग लिया। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से आयोजित किया गया था। कीमोथेरेपी के बाद भी उन्होंने अपनी ट्रेनिंग जारी रखी, क्योंकि उन्हें पता था कि यही उनके जीवन को एक नई दिशा दे सकता है। परिवार की मदद से बनी नींबू की स्क्वैश और ठंडाई ने धीरे-धीरे लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, शुरुआत में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि प्रोडक्ट्स को कैसे बेचा जाए?

प्रोडक्ट बेचने के लिए लिया किटी पार्टियों का सहारा

लवीना ने अपने प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए किटी पार्टियों का सहारा लिया। उस समय किटी पार्टियां महिलाओं के बीच काफी पॉपुलर थीं। उन्होंने इन पार्टियों में छोटे-छोटे स्टॉल लगाकर अपने प्रोडक्ट्स को लोगों तक पहुंचाना शुरू किया। उनके प्रोडक्ट की क्वालिटी ने कस्टमर्स को अट्रैक्ट किया। पहला बड़ा ऑर्डर उन्हें एक महिला से मिला, जिसने 2 किलो आम का अचार मंगवाया। यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। इसके बाद उनकी मेहनत रंग लाई, और उनके उत्पादों की चर्चा धीरे-धीरे पूरे मेरठ में फैलने लगी।

70 से अधिक तरह के प्रोडक्ट बनाती है 'तृप्ति फूड्स'

उनकी एक छोटी सी शुरूआत अब 'तृप्ति फूड्स' का शक्ल ले चुकी है। 70 से अधिक तरह के प्रोडक्ट बनाती हैं। इसमें अचार, जैम, चटनी, स्क्वैश और कई ट्रेडिशनल फूड आइटम शामिल हैं। उनके प्रोडक्ट की खासियत यह है कि ये पूरी तरह नेचुरल इंग्रेडिएंट से बनाए जाते हैं। बिना गैर जरूरी प्रिजर्वेटिव्स और केमिकल्स का यूज किए हुए।

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