पंजाब में अकाली दल में टूट, विधानसभा चुनाव में राह होगी मुश्किल

Published : Jul 09, 2020, 08:08 PM IST
पंजाब में अकाली दल में टूट, विधानसभा चुनाव में राह होगी मुश्किल

सार

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींढसा शिरोमणि अकाली दल के नाम से पार्टी बनाकर अकाली दल को चुनौती दी है। वहीं ढींडसा ने अपनी नई सियासी पारी का आगाज किया है। इससे एक तरफ अकाली दल में टूट हुई है। वहीं राज्य में पार्टी भी कमजोर हुई है। 

नई दिल्ली। पंजाब में सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई वाले शिरोमणि अकाली दल में बगावत हो गई है और पार्टी के राज्यसभा सांसद सुखदेव ढींडसा और अकाली टकसाली नेताओं ने मिलकर राज्य में नई पार्टी का गठन कर दिया है। ढींडसा ने  नई पार्टी का नाम शिरोमणि अकाली दल रखा है। ताकि आने वाले चुनाव में इसके जरिए सिख वोटरों को लुभाया जा सके। वहीं ढींडसा ने सुखबीर सिंह बादल को अकाली दल के अध्यक्ष पद से हटाने की घोषणा की है। अकाली दल में बगावत के बाद राज्य में पार्टी कमजोर हुई है और इसका असर 2022 में होने वाले चुनाव में देखने को मिल सकता है। वहीं कांग्रेस अकाली दल में टूट से खुश है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींढसा शिरोमणि अकाली दल के नाम से पार्टी बनाकर अकाली दल को चुनौती दी है। वहीं ढींडसा ने अपनी नई सियासी पारी का आगाज किया है। इससे एक तरफ अकाली दल में टूट हुई है। वहीं राज्य में पार्टी भी कमजोर हुई है। ढींडसा का दावा है कि वह अपने समर्थकों के साथ अकाल तख्त साहिब में एकत्रित होकर नई पार्टी का मसौदा तैयार करेंगे। फिलहाल इस पार्टी का नाम शिरोमणि अकाली दल रका है। 

वहीं राज्य में नई पार्टी का गठन कर ढींडसा एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है और इसके जरिए उन्होंने सुखबीर सिंह बादल को शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख के पद से हटाने का ऐलान किया है। वहीं 35 साल का पुराना अकाली दल में एक बार फिर बगावत देखने को मिल रही है। जाहिर है इससे राज्य में पार्टी कमजोर होगी और इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा।  गौरतलब है कि 35 साल पहले 1985 में अकाली दल की कमान  सुरजीत सिंह बरनाला के पास थी लेकिन पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल और सुखदेव सिंह ढींडसा के पूर्व सीएम बरनाला से छत्तीस का आंकड़ा था। वहीं इन दोनों नेताओं ने बरनाला के खिलाफ बगावत कर पार्टी पर कब्जा जमा लिया था और इसके बाद पार्टी का चुनाव चिन्ह तकड़ी छीन लिया था।

2022 में होने राज्य में चुनाव

राज्य में महज दो साल के भीतर विधानसभा चुनाव होने हैं और अकाली दल में टूट का असर चुनाव में देखने को मिल सकता है। ढींडसा शिरोमणि अकाली दल का गठन कर बादल परिवार के लिए चुनौती पैदा कर सकते हैं।

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

Surat News: केंडोर IVF सेंटर के 6 साल पूरे, निःसंतान दंपतियों के लिए विशेष रियायत
Surat News: जीएम ग्रुप ने अभिनेता प्रतीक गांधी को बनाया ब्रांड एंबेसडर, सूरत इंडस्ट्रियल पार्क को नई पहचान