भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ ‘अपाचे’, चीन-पाकिस्तान सीमा की करेगा पहरेदारी

Published : May 11, 2019, 02:58 PM ISTUpdated : May 11, 2019, 03:22 PM IST
भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ ‘अपाचे’, चीन-पाकिस्तान सीमा की करेगा पहरेदारी

सार

अमेरिका ने पिछले साल भारतीय सेना को छह एएच-64 ई हेलीकॉप्टर देने के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। भारत ने अमेरिका के साथ ही करीबी 22 ऐसे लड़ाकू हेलीकॉप्टर के लिए पहले ही करार किया था, जो देश की सुरक्षा के लिए अहम थे। इससे पहले वायुसेना को चिकून हैवलिफ्ट हेलीकॉप्टर मिल चुके हैं। अपाचे का निर्माण अमेरिका के एरिजोना में किया गया है। अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर को मौजूदा समय में दुनिया का सबसे घातक हेलीकॉप्टर माना जाता है।

भारतीय वायुसेना में मौजूदा दौर का सबसे सफलतम लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे गार्जियन शामिल होने के बाद भारत की हवाई शक्ति में और ज्यादा इजाफा हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर को पाकिस्तान और चीन की सीमा में तैनात किया जाएगा। जाहिर है इस शक्तिशाली लड़ाकू हेलीकॉप्टर को सीमा पर तैनात करने के बाद देश के दुश्मनों की मुश्किलें बढ़ेंगी।

असल में अमेरिका ने पिछले साल भारतीय सेना को छह एएच-64 ई हेलीकॉप्टर देने के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। भारत ने अमेरिका के साथ ही करीबी 22 ऐसे लड़ाकू हेलीकॉप्टर के लिए पहले ही करार किया था, जो देश की सुरक्षा के लिए अहम थे। इससे पहले वायुसेना को चिकून हैवलिफ्ट हेलीकॉप्टर मिल चुके हैं। अपाचे का निर्माण अमेरिका के एरिजोना में किया गया है। अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर को मौजूदा समय में दुनिया का सबसे घातक हेलीकॉप्टर माना जाता है।

इस हेलीकॉप्टर के भारत को मिल जाने के बाद भारत की सामरिक शक्ति में और ज्यादा इजाफा हो जाएगा। फिलहाल जानकारी के मुताबिक इसे चीन और पाकिस्तानी सीमा पर तैनात किया जाएगा। भारत वर्तमान में रूस में निर्मित हेलीकॉप्टर एमआई 35 का इस्तेमाल करता है। इसे कई सालों से भारतीय वायुसेना में प्रयोग किया जा रहा है और अब ये रिटायरमेंट की अवस्था में आ गया है। एमआई 35 आमतौर पर सेना के जवानों के ले जाने के लिए बनाया गया था।

लेकिन अपाचे पूरी तरह से लड़ाकू हेलीकॉप्टर है। फिलहाल ये हेलीकॉप्टर जुलाई में भारतीय हवाई सीमा में उड़ान भरना शुरू कर देगा। अपाचे हेलीकॉप्‍टर अमेरिकी सेना के एडवांस्‍ड अटैक हेलीकॉप्‍टर प्रोग्राम के तहत निर्मित किए हैं। हालांकि ये चार दशक से अमेरिका सेना का हिस्सा है। वर्तमान में ये हेलीकॉप्टर इजराइल, मिस्र और नीदरलैंड के पास ही है और अब इसमें भारत का नाम भी जुड़ गया है।

अमेरिका ने अपने अपाचे हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल पनामा से लेकर अफगानिस्तान और इराक युद्ध में भी किया था। इजरायल भी लेबनान और गाजा पट्टी में अपने सैन्य ऑपरेशनों में इसी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करता रहा है। फिलहाल इस हेलीकॉप्टर को चलाने के लिए भारतीय वायुसेना के कुछ चुने हुए अधिकारियों को यूएस आर्मी बेस में ट्रेनिंग दी गई है।

क्या हैं इसकी खूबियां

अपाचे की खूबी ये है कि ये जंगलों में आतंकवादियों और दुश्मनों का मुकाबला करने में काफी कारगर है। ये रॉकेट, टैंकभेदी मिसाइलों और ज़मीन पर दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने के लिए सफल हेलीकॉप्टर माना जाता है। इसमें मशीनगन भी लैस होती है। इसके साथ ही ये किसी भी मौसम में हमला कर सकता है।

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