
नेशनल डेस्क। चंद्रयान-3 (Chandrayaan 3) की चांद के साउथ पोल पर सफलतापूर्वक लैंडिंग के बाद हर कोई चांद के अनजाने रहस्यों को जानने के लिए काफी उत्सुक है। वहीं रोवर प्रज्ञान और लैंडर विक्रम भी अपने मिशन में लग चुके हैं। विक्रम लैंडर साउथ पोल की सतह पर घूम-घूमकर इसरो (ISRO) को चांद का डेटा भेजा रहा है। इसी बीच विक्रम ने पहली खोज की है जो चौंकाने वाली है।
विक्रम लैंडर ने चांद के रहस्य से उठाया पर्दा
ChaSTE ( चंद्र सरफेज थर्मोफिजिकल एक्सपेरिमेंट) के अनुसार, चांद के साउथ पोल की सतह से 10 सेंटीमीटर की गहराई पर तापमान 50 से 60 डिग्री सेल्सियस के बीच है। सतह पर तापान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब है। वहीं 80 MM की गहराई पर तापमान 10 डिग्री मापा गया है। चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर में लगे ChaSTE पेलोड में दस सेंसर लगाए गए हैं जो 10 सेंटीमीटर गहराई तक का टेंपरेचर नाप सकते हैं।
लगातार चांद की अपडेट दे रहा रोवर
चंद्रयान-3 का रोवर प्रज्ञान इसरो के साथ पूरी दुनिया को चांद के अपडेटेड फोटो और वीडियो भेज रहा है । बीते दिनों चंद्रयान-3 ने लेटेस्ट वीडियो कैप्चर किया था जिसमें वह चंद्रमा के शिवशक्ति प्वाइंट के आसपास घूमता दिखा। वही कहा जा रहा है, आने वाले दिनों में चंद्रमा के साउथ पोल पर पानी होने या न होने के रहस्य से भी पर्दा उठ सकता है।
23 अगस्त को भारत ने रचा इतिहास
23 अगस्त की शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रयान-3 (Chandrayaan 3) ने चांद के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच दिया था। हिंदुस्तान ऐसा करने वाला पहला देश बन गया है। जबकि, अमेरिका, रूस, चीन के बाद ॉचंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन गया है।
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