चीन के रक्षामंत्री का दावा, राजनीतिक स्थिरता के लिए जरूरी था थियानमेन चौक नरसंहार

Published : Jun 02, 2019, 11:45 AM IST
चीन के रक्षामंत्री का दावा, राजनीतिक स्थिरता के लिए जरूरी था थियानमेन चौक नरसंहार

सार

रक्षा मंत्री वेई फेंघ ने दावा किया है कि बीते 30 साल के दौरान चीन की वामपंथी सरकार ने देश को बहुत आगे ले जाने का काम किया है। 4 जून 1989 के दिन चीन सरकार के सामने कड़ी चुनौती थी और उसने देश को आगे ले जाने के लिए इस प्रदर्शन को खत्म करने के लिए कड़ा फैसला लिया था।

थियानमेन चौक नरसंहार की 30वीं बरसी के मौके पर चीन के रक्षा मंत्री ने आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा कि चीन की राजनीतिक स्थिरता के लिए यह नरसंहार बेहद जरूरी था। रक्षा मंत्री वेई फेंघ ने दावा किया कि आज दुनिया 30 साल पुराने नरसंहार को याद कर रही है लेकिन वह इस बात पर ध्यान नहीं दे रहे कि इस समय चीन में वामपंथी दल राजनीति में अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश में था और थियानमेन चौक पर हो रहा प्रदर्शन देश की राजनीतिक स्थिरता को चुनौती दे रहा था।

तीस साल पहले 4 जून 1989 को चीन द्वारा लोकतांत्रिक प्रदर्शन के खिलाफ खूनी कार्रवाई में हजारों चीनी नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस घटना के बाद चीन सरकार ने इस विषय में किसी तरह की चर्चा को प्रतिबंधित कर दिया था और चीन में मीडिया पर इस प्रकरण को उठाने पर रोक लगा दी थी। ऐसे में रक्षा मंत्री द्वारा जारी यह बयान ऐसा गिना चुना मौका है जब चीन सरकार ने इस नरसंहार पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।

रक्षा मंत्री वेई फेंघ ने दावा किया है कि बीते 30 साल के दौरान चीन की वामपंथी सरकार ने देश को बहुत आगे ले जाने का काम किया है। 4 जून 1989 के दिन चीन सरकार के सामने कड़ी चुनौती थी और उसने देश को आगे ले जाने के लिए इस प्रदर्शन को खत्म करने के लिए कड़ा फैसला लिया था। वेई फेंघ ने दावा किया कि चीन सरकार के इस नरसंहार के फैसले के चलते बीते 30 साल को दौरान चीन एक शक्तिशाली देश बनने में कामयाब हुआ है और चीन की मौजूदा शक्ति इस फैसले को पूरी तरह से जायज ठहराती है।
 
गौरतलब है कि थियानमेन चौक नरसंहार की बरसी के मौके पर दर्जनों चीनी नागरिक अमेरिका में चीनी दूतावास के सामने शनिवार को एकत्रित हुए। चीन के सत्तारूढ़ वामपंथी दल विरोधियों और राजनीतिक असंतुष्टों सहित लगभग 50 कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर एवं बैटरी से जलने वाली मोमबत्तियां लेकर चीन में लोकतंत्र आने की उम्मीद जताई। 

ओवरसीज चाइनीज डेमोक्रेसी कोअलिशन के प्रमुख वेई जिंगशेंग ने कहा, “मेरा मानना है कि विश्वभर के लोग वामपंथी शासन के प्रति अधिक से अधिक असहिष्णु हो रहे हैं। और मुझे लगता है कि अब लोग महसूस करने लगे हैं कि वे अब इस शासन को और नहीं सह सकते।” 

चार जून 1989 को चीन में लोकतंत्र की मांग को लेकर थियानमेन चौक जाने वाली सड़कों पर एकत्र हुए छात्रों और कार्यकर्ताओं पर चीनी सेना ने भीषण बल प्रयोग किया था और आंदोलन को कुचलने के लिए टैंक तक उतार दिए गए थे। इस सैन्य कार्रवाई में हजारों लोगों का कत्ल कर दिया गया था हालांकि चीन सरकार ने बीते 30 साल के दौरान इस कार्रवाई में मारे गए लोगों की सही संख्या का खुलासा कभी नहीं किया।
 

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