सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हुआ उल्लंघन, पटाखे फोड़ने के कारण दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल

Published : Nov 08, 2018, 11:29 AM IST
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हुआ उल्लंघन, पटाखे फोड़ने के कारण दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल

सार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश देने के बाद भी दिल्ली के लोगों ने जमकर पटाके फोड़े, जिसका नतीजा आज तड़के ही देखने को मिल गया है। प्रदूषण बेहद खराब स्तर पर पहुंच गया है। 

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को मध्यनजर रखते हुए सुप्रीम कोर्ट नें दिवाली में पटाखे फोड़ने का समय तय किया था लेकिन लोगों ने SC की गाइडलाइन का उल्लंघन किया। आदेश के खिलाफ जाकर लोगों ने समय सीमा के बाद भी जमकर पटाखे फोड़े। दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण स्तर काफी बड़ गया है जिसके कारण बाहर धुंध व हवा में प्रदूषण काफी ज्यादा स्तर पर पहुंच गया है। 

एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के मुताबिक, आनंद विहार में प्रदूषण का स्तर 999, अमेरिकी राजदूतावास, चाणक्यपुरी में 459 और मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एक्यूआर 999 रहा। प्रदूषण का यह स्तर 'खतरनाक' श्रेणी में आता है।

एक्यूआई के मुताबिक, लोधी रोड इलाके में पीएम2.5 और पीएम 10 का स्तर 500 दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाके में लोगों ने रात आठ से दस बजे के बीच पटाखा फोड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय की गई समय-सीमा का उल्लंघन किया।

मेजर ध्यानचंद स्टेडियम (इंडिया गेट) के आसपास पीएम2.5 का स्तर सामान्य से 30 गुना ज्यादा और पीएम 10 का स्तर 20 गुना ज्यादा दर्ज किया गया। यह वीवीआईपी इलाका है जहां राष्ट्रपति भवन, संसद और कई हाई प्रोफाइल लोगों के आवास हैं। वजीरपुर में 2.5 का स्तर 18 गुना और पीएम 10 12 गुना ज्यादा दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में 2.5 17 गुना और पीएम 10 12 गुना ज्यादा दर्ज किया गया। आरकेपुरम में 2.5 अभी भी 11 गुना ज्यादा और पीएम 10 8 गुना ज्यादा बना हुआ है।

दिल्ली में बुधवार रात दस बजे एक्यूआई 296 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शाम सात बजे एक्यूआई 281 था। रात आठ बजे यह बढ़कर 291 और रात नौ बजे यह 294 हो गया। हालांकि, केंद्र की ओर से चलाए गए सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने समग्र एक्यूआई 319 दर्ज किया जो ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में आता है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के मौके पर रात 8 से 10 बजे के बीच ही फटाखे फोड़ने की इजाजत दी थी। वो भी केवल ‘ग्रीन पटाखों’ के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी थी। दरअसल ग्रीन पटाखों से कम प्रदूषण और कब ध्वनि प्रदूषण होता है इसी वजह से SC ने ग्रीन पटाखों को फोड़ने की अनुमति दी थी।

हानिकारक पटाखों की बिक्री न हो इस चीज पर नजर रखने के लिए कोर्ट ने पुलिस को काम पर लगाया हुआ था। बावजूद इसके भी पटाखे बिके व फोड़े गए। कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होने के कारण अब स्थानीय थानों के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

आनंद विहार, आईटीओ और जहांगीरपुरी समेत कई इलाकों में प्रदूषण का बेहद उच्च स्तर दर्ज किया गया। मयूर विहार एक्सटेंशन, लाजपत नगर, लुटियंस दिल्ली, आईपी एक्सटेंशन, द्वारका, नोएडा सेक्टर 78 समेत अन्य स्थानों से कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किए जाने की खबरें मिलीं।

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