अब कमलनाथ के करीबी पूर्व मंत्रियों को ऐसे झटका देंगे शिवराज, जानें क्या है मामला

Published : May 22, 2020, 10:54 AM ISTUpdated : May 22, 2020, 10:58 AM IST
अब कमलनाथ  के करीबी पूर्व मंत्रियों को ऐसे झटका देंगे शिवराज, जानें क्या है मामला

सार

मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने बृजेन्द्र सिंह राठौर, ओंकार सिंह मरकाम, प्रियव्रत सिंह, सुखदेव पानसे, उमंग सिंघार, पी.सी. शर्मा, कमलेश्वर पटेल, लखन घनघोरिया, सचिन यादव और सुरेंद्र बघेल को सरकारी बंगलों को खाली करने का आदेश दिया है। हालांकि कांग्रेस नेता और सांसद विवेक तन्खा ने सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में हालांकि कमलनाथ सरकार सत्ता में नहीं है। लेकिन पूर्व मंत्रियों की बंगले को लेकर हनक अभी भी बनी हुई है। राज्य के पूर्व मंत्रियों ने अभी तक सरकारी बंगलों को खाली नहीं किया है। लिहाजा राज्य की शिवराज सिंह सरकार इन बंगलों को खाली करा रही है। वहीं सरकार ने विधायकों ने कहा कि मंत्रियों के बंगले खाली करने को कहा है। वहीं राज्य में पूर्व मंत्रियों के बंगले सील किए गए हैं। इसमें पूर्व मंत्री तरुण भनोट, सज्जन सिंह वर्मा और हुकुम सिंह दादा का नाम शामिल है।

शिवराज सिंह चौहान सरकार ने पिछली कमलनाथ शासन के कई पूर्व मंत्रियों के आधिकारिक बंगलों को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ विधायकों ने अपने मंत्री बंगले खाली नहीं किए थे। सरकार जाने के बाद जो विधायक मंत्री बने थे अब वह फिर विधायक बन गए हैं। लिहाजा सरकार ने उन्हें मंत्री की हैसियत मिले सरकारी बंगलों को खाली करने को कहा है। सरकारी बंगलों को खाली करने के लिए पिछले हफ्ते उन्हें सभी नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि उनमें से किसी ने भी जवाब नहीं दिया।

मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने बृजेन्द्र सिंह राठौर, ओंकार सिंह मरकाम, प्रियव्रत सिंह, सुखदेव पानसे, उमंग सिंघार, पी.सी. शर्मा, कमलेश्वर पटेल, लखन घनघोरिया, सचिन यादव और सुरेंद्र बघेल को सरकारी बंगलों को खाली करने का आदेश दिया है। हालांकि कांग्रेस नेता और सांसद विवेक तन्खा ने सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने कांग्रेस के 24 पूर्व मंत्रियों को नोटिस दिया गया था, जबकि राज्य में कोरोनोवायरस के खिलाफ लड़ाई जारी है। राज्य में भोपाल को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है और सरकार ऐसे वक्त पर बंगलों को खाली करा रही है। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा के कई मंत्रियों ने विपक्ष में होने पर मंत्री पद खाली नहीं किया था और कांग्रेस सरकार ने ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की थी।

वहीं गृह सचिव राजीव जैन ने कहा कि पूर्व मंत्रियों को प्रचलित नियमों के तहत बंगले खाली करने के लिए कहा गया है। जबकि पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने कहा तालाबंदी के दौरान की गई कार्रवाई भारत सरकार के निर्देशों का उल्लंघन है। आम तौर पर ऐसी कार्रवाई से पहले एक महीने का समय दिया जाता है। वहीं पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने 15 महीने के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन विधायकों नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, विश्वास सारंग और नीना वर्मा को मंत्री आवास खाली करने के लिए नहीं कहा था और अब भाजपा मंत्रियों से बंगलों को खाली करने को कह रही है।

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