
दिल्ली को किसी भी बाहरी हमले से बचाने के लिए भारत, अमेरिका से एक हवाई मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने की योजना बना रहा है। दोनों देशों के बीच इस सौदे को लेकर कड़ा मोलभाव होने की संभावना जताई जा रही है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण दो दिसंबर को अमेरिका जा रही हैं। इस दौरान नए जमाने की सैन्य तकनीक पर भी बातचीत होगी।
एक रक्षा अधिकारी ने बताया, 'इस दौरे में तीनों सेनाओं का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी रक्षा मंत्री के साथ होगा। दोनों देशों के रक्षा मंत्री सैन्य संबंधों और मिलिट्री हार्डवेयर के क्षेत्र में आपसी सहयोग की भी समीक्षा करेंगे।'
सीतारमण हवाई में अमेरिकी सेना के मुख्यालय पैसिफिक कमांड का भी दौरा करेंगे। अमेरिका अब इसे इंडो-पैसिफिक कमांड कहता है। यह अमेरिका के लिए भारतीय उपमहाद्वीप की बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
दोनों देशों के बीच सैन्य तकनीक के क्षेत्र में इनोवेशन पर भी चर्चा होगी। इसके साथ ही रक्षा, व्यापार और तकनीकी पहलों के क्षेत्र में इस समय हो रही घटनाओं पर भी वार्ता होने की संभावना है।
भारतीय उपमहाद्वीप में भारत अमेरिकी हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार है। भारत की नजर नेशनल सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (एनएएसएएमएस) खरीदने पर है। इस प्रणाली को दिल्ली में तैनात किया जाएगा, ताकि दुश्मन देश की किसी भी मिसाइल के खतरे को टाला जा सके।
दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत में चीन और पाकिस्तान सीमा के सुरक्षा हालात और भारत के खिलाफ आतंकवादियों को पाकिस्तान के लगातार समर्थन पर भी चर्चा होने की संभावना है।
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