
नई दिल्ली। ड्रैगन अपनी विस्तारवादी रणनीति और भारत के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाने के लिए साथ ही पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के पास नेवल बेस बनाने की तैयारी है। हालांकि चीन पहले ही ग्वादर पोर्ट के पास एक छोटा शहर चीनी नागरिकों के लिए तैयार कर चुका है। लेकिन अब वह नेवल बेस बनाकर हिंद महासागर पर नजरच रखना चाहता है। खासतौर पर भारत की गतिविधियों पर निगरानी करना चाहता है। भारतीय एजेंसियों को पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट पर चीनी कंपाइंड पास कई तस्वीरें मिली हैं। इन सैटलाइट तस्वीरों से लग रहा है कि वहां पर चीन नेवल बेस की तैयारी में है। क्योंकि कंपाउंड में सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत है। जो आमतौर पर किसी प्लांट में नहीं रहती हैं।
फिलहाल चीन भारत के खिलाफ लद्दाख सीमा पर रवैया अख्तियार किए हुए है। वहीं दक्षिण चीन सागर में अमेरिका के लिए चुनौती पेश कर रहा है। हालांकि चीन पहले ही ग्वादर पोर्ट पर एक तरह से कब्जा कर चुका है और पाकिस्तान उसके सामने नतमस्तक है। क्योंकि चीन पाकिस्तान को आर्थिक मदद देता है। वहीं पाकिस्तान चीन की मदद करने के साथ ही भारत को कमजोर करना चाहता है। फिलहाल एजेंसियों को पाकिस्तान के ग्वादर में चीन के नेवल बेस बनाने के संकेत मिले हैं। चीन अरब सागर लेकर हिंद महासागर में अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहता है। ये तय है कि दुनिया में अमेरिका के बाद चीन बड़ी महाशक्ति है।
वहीं चीन अमेरिका को नंबर वन की कुर्सी से बेदखल कर अपने को एक नंबर की कुर्सी पर बैठाने की रणनीति के तहत कई तरह की साजिशें कर रहा है। वैसे भी ग्वादर पोर्ट बनने के बाद चीन को आर्थिक तौर पर बड़ा फायदा होगा और इसके जरिए वह पाकिस्तान के साथ ही पश्चिम देशों पर नजर रख सकेगा और नेवल बेस बनने के बाद सामरिक तौर भी मजबूत होगा। ग्वादर चीन की बेल्ट ऐंड रोड योजना का अहम हिस्सा है और अभी तक चीन अपना आयात और निर्यात दक्षिण एशिया से घूमकर करता है। लेकिन इस पोर्ट के जरिए चीन पाकिस्तान से सड़क मार्ग से आयात और निर्यात कर सकेगा।
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