भ्रष्टाचार का 'महागठबंधन'?, सभी बड़े नेताओं पर हैं आरोप

ankur sharma |  
Published : Jan 28, 2019, 07:38 PM IST
भ्रष्टाचार का 'महागठबंधन'?, सभी बड़े नेताओं पर हैं आरोप

सार

सपा, बसपा, कांग्रेस, टीएमसी और आरजेडी के नेता बड़े घोटालों में गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।

आगामी लोकसभा में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए एक महागठबंधन को आकार देने की कोशिश हो रही है। लेकिन हकीकत यह है कि इन दलों के नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। सभी पर सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों की जांच की तलवार लटकी है। सपा, बसपा, कांग्रेस, टीएमसी और आरजेडी के नेता बड़े घोटालों में गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। 
 
महागठबंधन में शामिल इन दलों के नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है। कुछ नेता केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच का सामना कर रहे हैं। हालांकि इन दलों का कहना है कि भाजपा जांच एजेंसियों की मदद से उन्हें दबाना चाहती है और उसके आरोप अदालत में टिक नहीं पाएंगे। हालांकि यह सही है कि महागठबंधन में शामिल दलों के लगभग सभी बड़े नेता करोड़ों रुपये के घोटाले में जांच का सामना कर रहे हैं।

सीबीआई और ईडी कांग्रेस के नेताओं जैसे पूर्व गृहमंत्री एवं वित्त मंत्री पी चिदंबरम, अहमद पटेल, मोतीलाल बोहरा, विभिन्न योजनाओं से जुड़े घोटालों में शामिल भूपेंद्र हुड्डा की भूमिका की जांच कर रही है। चिदंबरम और उनके बेटे कथित तौर पर एयरसेल मैक्सिस सौदे में लिप्त हैं। आरोप है कि पी चिदंबरम ने विदेशी निवेश प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) का अध्यक्ष रहते आईएनएक्स मीडिया को गलत तरीके से मंजूरी दी। चिदंबरम उस समय  वित्त मंत्री थी। आरोप है कि उन्हें इस मामले में 305 करोड़ रुपये की राशि मिली थी। 

सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव कहे जाने वाले अहमद पटेल अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। वहीं पार्टी के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा हरियाणा में एजेएल घोटाले में शामिल हैं। वहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर 2004 से 2007 के बीच जमीनों के अधिग्रहण में छूट देने जैसे कई मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं।  

आरजेडी के सबसे बड़े चेहरे और पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले के लिए इस समय जेल में सजा काट रहे हैं। लालू और उनके परिवार के अन्य सदस्य इस समय आईआरसीटीसी घोटाले में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। यह मामला सीबीआई में मचे घमासान के दौरान भी सुर्खियों में रहा है। आरोप है कि सीबीआई के कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर लालू परिवार को फायदा पहुंचाने की कोशिश की। ईडी और सीबीआई ने इस मामले में लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी है। लाल परिवार भ्रष्टाचार के कई दूसरे आरोपों का सामना भी कर रहा है। लालू प्रसाद यादव इस समय जेल से पार्टी चला रहे हैं। 

बंगाल की सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी का दामन भी पाक-साफ नहीं है। उसके कई नेता केंद्रीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं। टीएमसी के दो बड़े नेता सुब्रतो मुखर्जी और काकोली घोष दस्तीदार कथित तौर पर नारदा घोटाले में लिप्त हैं। पिछले सप्ताह ही सीबीआई ने रोज वैली घोटाले के सिलसिले में ममता बनर्जी के खास और फिल्म निर्माता श्रीकांत मोइता को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि मोइता की गिरफ्तारी के बाद से टीएमसी के कार्यकर्ता भाजपा पर पुरजोर हमले कर रहे हैं। 

सपा के मुखिया अखिलेश यादव इस समय यूपी में हुए खनन घोटाले की जांच की आंच का सामना कर रहे हैं। सीबीआई के मुताबिक, राज्य के पूर्व सीएम अखिलेश की भूमिका संदेह के घेरे में है। अखिलेश उस समय खनन मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे थे, जब  नियमों को ताक पर रखकर कुछ चुनिंदा लोगों को खनन पट्टे लीज पर दिए गए। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद केस दर्ज किया गया है। सीबीआई के मुताबिक अखिलेश यादव द्वारा बांटे गए कम से कम 14 टेंडर को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। 

देश की पहली दलित महिला प्रधानमंत्री बनने का सपना देश रही बसपा सुप्रीमो मायावती इस समय सीबीआई और आयकर विभाग के रडार पर हैं। 1179 करोड़ रुपये के शुगर मिल घोटाले में मायावती की भूमिका जांच के घेरे में है। सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। आरोप है कि कई तरह की अनियमितताओं के चलते उत्तर प्रदेश की 21 शुगर मिले को वर्ष 2010-11 के दौरान 1,179 करोड़ रुपये का नुकसान झेलने पड़ा। कभी मायावती के बेहद करीबी और उनकी सरकार में मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सीबीआई जांच करने वाली है। सिद्दीकी का दावा है कि मायावती और बसपा महासचिव व पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले सतीश चंद्र मिश्रा के निर्देश पर शुगर मिल्स को बेचा गया। माना जा रहा है कि सीबीआई इस मामले में मायावती की भूमिका की जांच कर सकती है। मायावती उनके भाई आनंद कुमार की आय से अधिक संपत्ति के मामले में पहले ही आयकर विभाग की जांच के घेरे में हैं। मायावती के उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते आनंद कुमार की संपत्ति में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई थी। कथित तौर पर उनकी कंपनियों ने सात साल में 18000% का मुनाफा कमाया। 

भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से निकलने का दावा करने वाली अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का दामन भी पाक-साफ नहीं है। उसके विभिन्न नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, इनमें से कुछ केंद्रीय एजेंसियों की जांच का सामना भी कर रहे हैं। सीबीआई दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन की जांच कर रही है। सतर्कता आयोग की शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने उनसे अरविंद केजरीवाल की कुछ योजनाओं के बारे में पूछताछ की थी। आरोप है कि ठेके देते समय कायदे-कानून का उल्लंघन किया गया। वहीं स्वास्थ्य मंत्री जैन पर हवाला लेनदेन के आरोप हैं। 
 

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