पीएम मोदी नॉन स्टॉप: नौ दिन उपवास, 13 राज्य, 23 रैलियां, 22,000 किलोमीटर का सफर

By Siddhartha RaiFirst Published Apr 13, 2019, 6:13 PM IST
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इंफाल से जूनागढ़, कूच बिहार से कालीकट। यह पीएम मोदी का नवरात्र के दौरान का चुनाव कार्यक्रम रहा है। खास बात यह है कि इस सबके बावजूद उनके सरकारी कार्यक्रम प्रभावित नहीं हुए हैं। 

भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार की सत्ता में वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर में ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां कर रहे हैं। पांच साल की मेहनत के साथ बढ़ी वैश्विक सक्रियताओं के साथ-साथ वह भाजपा के चुनाव प्रचार का भी नेतृत्व कर रहे हैं। नवरात्र में पीएम मोदी उपवास रखते हैं, इसके बावजूद वह पूरी ऊर्जा के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में दिन रात रैलियां कर रहे हैं। पिछले नौ दिन में पीएम मोदी ने 13 राज्यों में 23 रैलियां की हैं। इस दौरान उन्होंने 22,000 किलोमीटर का सफर तय किया है। खास बात यह है कि इस सबके बावजूद उनके सरकारी कार्यक्रम प्रभावित नहीं हुए हैं। 

इंफाल से जूनागढ़, कूच बिहार से कालीकट। यह पीएम मोदी का नवरात्र के दौरान का चुनाव कार्यक्रम रहा है। अपने पूरे कार्यकाल के दौरान भी पीएम मोदी थका देने वाली दिनचर्या के लिए सुर्खियों में रहे। इस समय भी जब पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, पीएम के चुनाव कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं आया है। 

नवरात्र के पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी रैलियों को संबोधित किया। ये रैलियां ओडिशा, छत्तीसगढ़, बंगाल, त्रिपुरा, मणिपुर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, गोवा, बिहार, असम और केरल में आयोजित की गई थीं।

पीएम मोदी अकेले ऐसे स्टार कैंपेनर हैं, जिनके भरोसे पर भाजपा फिर से पांच साल के लिए केंद्र की सत्ता हासिल कनरे का सपना संजोये हुए है। अगर मोदी ऐसा करने में कामयाब रहते हैं तो यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड होगा। एक तरफ प्रचार है तो दूसरी तरफ पीएम पद की जिम्मेदारियों। देश से जुड़े मामलों को टाला नहीं जा सकता। उन पर तत्काल फैसला लेने की जरूरत होती है। 

यही वजह है कि दिनभर में तीन से चार रैलियों को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी तुरंत दिल्ली लौटते हैं और सीधे अपने कार्यालय से संबंधित अहम बैठक करने लगते हैं। ये मीटिंग कई बार घंटों तक खिंच जाती हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने ‘माय नेशन’ को बताया कि पीएम कुछ देर आराम करने के बाद ही अगले चुनाव अभियान के लिए तैयार हो जाते हैं। 

इस सबके बीच में वह अपने वैश्विक संपर्कों और राजनयिकों से होने वाली मुलाकातों का भी ध्यान रखते हैं। दुनिया भर में हो रही घटनाओं की जानकारी रखने के साथ-साथ वह तात्कालिक प्रतिक्रिया भी देते रहते हैं। पीएम मोदी ने मालदीव में जीत के बाद वहां के नेतृत्व को फोन कर सफल चुनावों के लिए बधाई दी थी। 

उन्होंने इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को भी चुनावों में उनकी जीत के तुरंत बाद फोन कर बधाई दी थी। एक दिन पहले ही रूस ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोसल' देने का ऐलान किया है। इसके लिए पीएम मोदी ने ट्वीट कर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और वहां की जनता का आभार जताया। रूस के साथ रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पीएम को यह सम्मान दिया गया है। 

खास बात यह है कि नवरात्र के दौरान पीएम मोदी ने मीडिया को भी जमकर समय दिया है। उन्होंने इस दौरान चार बड़े मीडिया संगठनों और कुछ अखबारों को साक्षात्कार दिया। 

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