
नई दिल्ली। कांग्रेस जहां एक तरफ नागरिकता संशोधन बिल पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। वहीं कांग्रेस में अंदर इस बिल का विरोध करने पर बगावत शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश के कांग्रेस के दिग्गज नेता और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार 370 के बाद नागरिकता विधेयक पर केन्द्र की भाजपा सरकार का विरोध किया है।
सिंधिया काफी अरसे केन्द्रीय नेतृत्व और मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ से नाराज चल रहे हैं। सिंधिया राज्य में एक तरह से अलग थलग पड़े हुए हैं। पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सिंधिया और कमलनाथ को दिल्ली तलब किया था सोनिया गांधी कमलनाथ से मिली। लेकिन उन्होंने सिंधिया से मिलने से मना कर दिया। यही नहीं सिंधिया के समर्थक उन्हें प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की वकालत कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने इस पद का जिम्मा कमलनाथ को दिया है।
वह राज्य के सीएम भी हैं। पिछले दिनों कमलनाथ समर्थक मंत्रियों ने लगातार उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने के बयान दिए। अब एक बार फिर सिंधिया कांग्रेस के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए हुए हैं। सिंधिया ने नागरिकता संशोधन विधेयक पर सरकार का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का ये विधेयक भारत की वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा और सभ्यता से मेल खाता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये संविधान के विपरीत है या नहीं वह नहीं जाते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले सिंधिया जम्मू कश्मीर से 370 हटाने को लेकर केन्द्र सरकार का समर्थन कर चुके हैं और इसके बाद कांग्रेस है। सिंधिया राज्य में कमलनाथ सरकार के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने दो भिंड में मध्यप्रदेश सरकार पर किसान कर्जमाफी के मुद्दे नाराजगी जताई थी। सिंधिया ने साफ कहा कि राज्य सरकार ने दो लाख तक कर्ज को माफ करने को कहा था लेकिन सरकार ने महज 50 हजार तक के कर्ज माफ किए हैं। यही नहीं पिछले दिनों ही सिंधिया ने अपने ट्विटर एकाउंट के बायो से कांग्रेस शब्द हटा दिया था। जिसके बाद चर्चा आम हो गई थी कि उन्होंने कांग्रेस से नाराजगी जताई है।
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