टूट रहे हैं मायानगरी के सपने: टैक्सी, ऑटो रिक्शा से मूल स्थान लौट रहे हैं प्रवासी

Published : May 11, 2020, 06:01 PM ISTUpdated : May 11, 2020, 11:09 PM IST
टूट रहे हैं मायानगरी के सपने: टैक्सी, ऑटो रिक्शा से मूल स्थान लौट रहे हैं प्रवासी

सार

मध्य प्रदेश के कई शहरों में एमएच के टैक्सी और ऑटो आसानी से देखे जा सकते हैं। जिनमें इन ऑटो चालक का परिवार है और कुछ जरूरी सामने के साथ ये वापस अपने गांवों की तरफ जा रहे हैं। महाराष्ट्र के ऑटो चालक यूनियन के लोगों का कहना है कि रोजाना 20 से 50 ऑटो रिक्शा चालक समूहों में मुंबई छोड़ रहे हैं और यूपी बिहार और अन्य राज्यों में जा रहे हैं।

मुंबई। कभी नौकरी और कारोबार के लिए सिलसिले में महानगरों में जाने का सपना कोरोना लॉकडाउन ने खत्म कर दिया है।  लॉकडाउन के बीच प्रवासी श्रमिकों के लिए किसी दौर में मुंबई जाने का सपना फीका पड़ने लगा है और माया की नगर मुंबई से सैकड़ों टैक्सी और ऑटो रिक्शा चलाने वाले वापस आ रहे हैं। ये लोग अपने टैक्सी और ऑटो से प्रदेश में वापस आ रहे हैं। हालांकि आने के दौरान इनकी समस्याएं कम नहीं हैं। 

मध्य प्रदेश के कई शहरों में एमएच के टैक्सी और ऑटो आसानी से देखे जा सकते हैं। जिनमें इन ऑटो चालक का परिवार है और कुछ जरूरी सामने के साथ ये वापस अपने गांवों की तरफ जा रहे हैं। महाराष्ट्र के ऑटो चालक यूनियन के लोगों का कहना है कि रोजाना 20 से 50 ऑटो रिक्शा चालक समूहों में मुंबई छोड़ रहे हैं और यूपी बिहार और अन्य राज्यों में जा रहे हैं। क्योंकि लॉकडाउन के बीच प्रवासी श्रमिकों के लिए 'मुंबई का सपना' फीका पड़ने लगा है। उनमें से कई लोग शहर में टैक्सी और ऑटो रिक्शा चला रहे थे और अब अपने वाहनों में परिवार को लेकर मूल स्थानों के लिए निकल गए हैं। मुंबई में लगभग 1000 और 5000 की संख्या में '' काली पीली '' टैक्सियों और ऑटो को छोड़ दिया।

ये लोग मुंबई-आगरा राजमार्ग के जरिए अपने मूल स्थानों को जा रहे हैं। मुंबई में 1000 से अधिक काले और पीले टैक्सियों और 5000 ऑटो रिक्शा इस  मायावी नगरी को छोड़ दिया है और अब वह अपने गांव में जाकर कुछ कारोबार करना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक मुंबई महानगर में लगभग 45000 काले और पीले टैक्सी हैं और लगभग 5 लाख ऑटो रिक्शा हैं। लॉकडाउन  के कारण ऑटो चालकों के पास पैसे नहीं बचे हैं और उन्हें भूखे ही सोना पड़ रहा है और परिवार के लोगों की स्थिति भी खराब है। लिहाजा ऑटो रिक्शा चालक 20 से 50 या अधिक के समूहों में मुंबई छोड़कर यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड के लिए जा रहे हैं, जबकि कुछ कैब भी कर्नाटक जा रहे हैं।

आरटीओ अधिकारियों के मुताबिक ऑटो और टैक्सी परमिट धारकों को ऑनलाइन अस्थायी परमिट प्राप्त करके मूल स्थानों की यात्रा करने की अनुमति है और ये कुछ महीनों के लिए ही वैध है। ऑटो टैक्सी यूनियन का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार को एक अधिसूचना जारी कर टैक्सियों और ऑटो के लिए अस्थायी परमिट को स्थिति सामान्य होने तक मान्य कर देना चाहिए। मुंबई के वकोला क्षेत्र के एक ऑटो चालक सुजीत सिंह ने बताया है कि वह शनिवार को मुंबई से करीब 50 ऑटो रिक्शा चालकों के साथ उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुए और सोमवार सुबह नासिक से यात्रा करते हुए मध्य प्रदेश पहुंचे।
 

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