एशिया का सबसे बड़ा गांव: यूपी के इस जिले की मिट्टी में बसा है मिलिट्री ट्रेडिशन का गौरवशाली इतिहास

Rajkumar Upadhyaya |  
Published : Oct 13, 2024, 03:30 PM IST
एशिया का सबसे बड़ा गांव: यूपी के इस जिले की मिट्टी में बसा है मिलिट्री ट्रेडिशन का गौरवशाली इतिहास

सार

गाजीपुर का गहमर गांव, एशिया के सबसे बड़े गांवों में से एक है। इसका गौरवशाली सैन्य इतिहास और भारतीय सेना से जुड़ी पीढ़ियों की परंपरा इसे खास बनाती है। यहां के 12,000 लोग सेना में सेवा दे रहे हैं।

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित गहमर गांव, एशिया के सबसे बड़े गांवों में से एक है। अपनी बड़ी आबादी और सैन्य परंपरा के लिए यह गांव पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां के अधिकांश परिवार भारतीय सेना से जुड़े हुए हैं। यह गांव अपने वीर जवानों की बहादुरी और देश सेवा के लिए जाना जाता है। गहमर का सैन्य इतिहास बहुत ही गौरवशाली और समृद्ध रहा है।

35 कर्नल और 42 अन्य वरिष्ठ अधिकारी 

गहमर गांव के लोग कई पीढ़ियों से सेना में प्रमुख पदों पर कार्यरत रहे हैं। इस गांव से अब तक 35 कर्नल और 42 अन्य वरिष्ठ अधिकारी भारतीय सेना में अपना योगदान दे चुके हैं। यहां के वीर जवानों ने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के साथ-साथ स्वतंत्रता के बाद भी कई वॉर और सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाई है। यहां के लोग इसे अपनी सबसे बड़ी धरोहर मानते हैं।

गहमर के 12,000 लोग इंडियन आर्मी में

गहमर गांव के लोग मानते हैं कि गांव की देवी, मां कामाख्या देवी का आशीर्वाद गांव के सैनिकों पर विशेष रूप से बना रहता है। यहां की मान्यता है कि मां की कृपा से युद्ध में कोई जवान शहीद नहीं होता। यह विश्वास पीढ़ियों से गांव के लोगों के दिलों में गहराई से बसा हुआ है और यही यहां के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वर्तमान में गहमर के लगभग 12,000 लोग भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं। यह आंकड़ा अपने आप में गांव की सैन्य परंपरा और इसके गौरवशाली इतिहास की पुष्टि करता है। गांव के युवाओं के लिए सेना में भर्ती होना एक गौरव की बात मानी जाती है। 

सैन्य परंपरा के साथ राजनीतिक इतिहास भी

गहमर की सैन्य परंपरा के साथ-साथ इसका राजनीतिक इतिहास भी महत्वपूर्ण रहा है। गांव के प्रसिद्ध नेता राम धनी सिंह ने गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक जागरूकता ने गहमर को एक विशेष स्थान दिलाया। गांव की राजनीतिक चेतना ने इसे न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक विशेष पहचान दी है।

1600 मीटर लंबे ट्रैक पर हार्ड वर्क करते हैं यूथ

गहमर की सैन्य परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत है जितनी पहले थी। यहां के युवा अपने पूर्वजों की वीरता से प्रेरणा लेते हुए भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए कठिन ट्रेनिंग लेते हैं। गांव के 1600 मीटर लंबे ट्रैक पर हर दिन सैकड़ों यूथ हार्ड वर्क कर सेना में जाने का सपना देखते हैं। यह गांव अपनी सैन्य परंपरा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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