नई दिल्ली: राज्यसभा में अब तेलगूदेशम पार्टी के महज दो सांसद बच गए हैं। उसके चार सांसद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। वहीं तेलगू देशम पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडु विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। पार्टी को लगे इस जोरदार झटके के बाद पार्टी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने अपने सांसदों से फोन पर चर्चा की। 
राज्यसभा में तेलगू देशम के अब मात्र दो सांसद रवीन्द्र कुमार और थोटा सीताराम लक्ष्मी बच गए हैं। 

गुरुवार को दिन भर चला पाला बदलने का दौर
टीडीपी के चार सांसद गुरुवार को उप-राष्ट्रपति वैंकेया नायडू से मिलने पहुंचे, इस दौरान बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उनके साथ मौजूद रहे। चारों ने उप-राष्ट्रपति को एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्हें बीजेपी में शामिल करने की मांग की गई। इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चारों को विधिवत रूप से बीजेपी में शामिल करा लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी नड्डा लगातार वहां मौजूद रहे। 

कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही नड्डा ने किया कारनामा
टीडीपी सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के दौरान बीजेपी के नव नियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी नड्डा की मौजूदगी रही। जिससे लगा कि पालाबदल का यह पूरा खेल उनके ही निर्देशन में चल रहा था। टीडीपी के चारो सांसद जब उप राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडु से मिलने पहुंचे तब भी उनके साथ नड्डा मौजूद थे। 
उनकी मौजूदगी में ही टीडीपी के चार सदस्यों वीई एस चौधरी, सी एम रमेश, जी मोहन राव, और टी जी वेंकटेश ने अपनी पार्टी के बीजेपी में विलय का प्रस्ताव सभापति एम वेंकैया नायडू को सौंपा। पत्र में उन्होंने कहा कि टीडीपी के राज्यसभा में नेता चौधरी की अध्यक्षता में पार्टी की विधायी दल की बैठक में यह फैसला किया गया। उच्च सदन में पार्टी के उप नेता रमेश भी इस बैठक में उपस्थित थे। 
नड्डा को टीडीपी के विधायी दल के अंदर की हर बात पता थी। इसके बाद नड्डा की मौजूदगी में ही वह प्रेस कांफ्रेन्स आयोजित कराई गई, जिसमें चारो सांसदों ने बीजेपी में विलय की घोषणा की।

 

राज्य सभा में सदस्य संख्या बढ़ाना बीजेपी के लिए है मजबूरी
भारतीय जनता पार्टी के राज्य सभा में अपनी सदस्य संख्या बढ़ाना बेहद जरुरी है। फिलहाल 245 सदस्यीय राज्यसभा में बीजेपी समर्थक 102 सांसद हैं। राज्यसभा से अपने मनचाहे बिल पास कराने के लिए बीजेपी के पास कम से कम 123 सांसदों का होना जरुरी है। टीडीपी के चार सांसदों को साथ मिलाकर अब बीजेपी के पास राज्यसभा में 106 सांसद हो गए हैं।