बगैर सोचे नरेंद्र मोदी का विरोध करते हुए राहुल गांधी ने 2019 के आम चुनावों से पहले भाजपा को चुनावी मैदान में उतारने की बड़ी कसम खाई है। सत्रह साल में कांग्रेस मोदी से नहीं सीख पायी जबकि इतने साल में किसी भी पढ़ने वाले को बैचलर और मास्टर डिग्री मिल जाती है। कांग्रेस 2002 से 2019 के बीच में मोदी से कुछ ही सीख पायी और अभी वही गलती कर रही है।