Niyazi  

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  • vijay diwas

    Views16, Dec 2018, 4:12 PM IST

    इस वजह से 1971 की लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को घुटने टेकने के लिए मजबूर होना पड़ा

    1971 की जंग में जीत और लगभग 93000(तिरानबे हजार) पाकिस्तानी सैनिकों का समर्पण भारतीय सेना के शौर्य का ऐसा प्रतीक है। जिसके बाद भारत की गिनती क्षेत्रीय महाशक्ति में होने लगी। क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में दुश्मन देश के सैनिकों के समर्पण की यह पहली घटना थी। जिसनें भारतीय सेना के गौरव में चार चांद लगा दिया। आईए फिर से याद करते हैं इस ऐतिहासिक घटना को: