Sanjay Gandhi  

(Search results - 6)
  • Sonia could not forget son's defeat in Amethi, rude to public in Congress strongholdSonia could not forget son's defeat in Amethi, rude to public in Congress stronghold

    NewsJan 24, 2020, 1:09 PM IST

    अमेठी में बेटे की हार की टीस भुला नहीं पाई सोनिया, कांग्रेस के गढ़ में जनता से दिखाई बेरूखी

    अमेठी को कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था। देश में कांग्रेस की स्थिति कुछ भी रही हो, लेकिन अमेठी की जनता ने हमेशा ही कांग्रेस का साथ दिया। वह भले ही सत्ता में रही या फिर विपक्ष में। लेकिन पिछले साल लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस के इस गढ़ में सेंध लगाई। भाजपा ने कांग्रेस को इस गढ़ को ही गांधी परिवार से नही छिना बल्कि कांग्रेस के दिग्गज कहे जाने वाले संजय सिंह को भी भाजपा में शामिल करा लिया।

  • Not only Rajiv but Nehru started tradition of using Navy warships for vacationing in 1950Not only Rajiv but Nehru started tradition of using Navy warships for vacationing in 1950

    NewsMay 9, 2019, 11:41 AM IST

    राजीव नहीं बल्कि नेहरू ने की थी नौ सेना के युद्धपोत में छुट्टी मनाने की शुरूआत

    माय नेशन को जून 1950 की कई तस्वीरे मिलीं हैं, जिसमें जवाहर लाल नेहरू आईएनएस दिल्ली में छुट्टी मनाते दिख रहे हैं। इसे 1933 में नौसेना के लिए एक लिएंडर-क्लास लाइट क्रूजर ने बनाया था। इसे ब्रिटिश राज में एचएमएस अकिलिस के रूप में जाना जाता था और 1937 में रॉयल नेवी के न्यूजीलैंड डिवीजन में कमीशन किया था।

  • Priyanka Gandhi would election campaign first time against maneka gandhi in sultanpurPriyanka Gandhi would election campaign first time against maneka gandhi in sultanpur

    NewsMay 9, 2019, 10:37 AM IST

    पिता का सियासी बदला लेने के लिए चाची के खिलाफ चुनाव प्रचार में उतरेंगी प्रियंका

    प्रियंका अपनी चाची से एक तरह से राजनैतिक बदला जरूर लेंगी। क्योंकि संजय गांधी की मौत के बाद मेनका ने अमेठी से प्रियंका के पिता राजीव गांधी के खिलाफ संजय विचार मंच की तरफ से 1984 में चुनाव लड़ा था। जबकि 1977 और 1980 में संजय गांधी ने यहां से चुनाव जीता था। हालांकि मेनका को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद एक ही परिवार का हिस्सा होने के बाद बाद दोनों के बीच कोई रिश्ता नहीं रहा।

  • This is Rahul Gandhi hospital where Modi Ayushman card could not get dying man treatmentThis is Rahul Gandhi hospital where Modi Ayushman card could not get dying man treatment

    NewsMay 5, 2019, 4:27 PM IST

    ये है ‘राहुल गांधी का अस्पताल’ जहां मोदी का आयुष्मान कॉर्ड न चलाकर मरने दिया मरीज को

    अस्पताल की वेबसाइट के मुताबिक, ‘संजय गांधी अस्पताल की आधारशिला एक सितंबर, 1982 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने रखी थी। उन्होंने इस अस्पताल को अमेठी की जनता को समर्पित किया था।’

  • Rahul Gandhi's hospital in Amethi, PM Modi's Ayushman card does not work; the poor man diedRahul Gandhi's hospital in Amethi, PM Modi's Ayushman card does not work; the poor man died

    NewsMay 5, 2019, 2:21 PM IST

    मर गया गरीबः परिवार का दावा, 'राहुल गांधी के अस्पताल ने नहीं चलाया मोदी का आयुष्मान कॉर्ड'

    पीड़ित परिवार ने दावा किया कि हम उन्हें संजय गांधी अस्पताल ले गए। हमने कहा कि आयुष्मान कार्ड है, इलाज कर दीजिए। तो उन्होंने कहा कि ये कांग्रेस का, राहुल जी का अस्पताल है, ये योगी और मोदी का अस्पताल नहीं है। यहां आयुष्मान कार्ड नहीं चलेगा। 

  • Why the Kamal Nath is to become the Chief Minister of Madhya Pradesh even after the stain of the riots?Why the Kamal Nath is to become the Chief Minister of Madhya Pradesh even after the stain of the riots?

    ViewsDec 13, 2018, 4:51 PM IST

    आखिर क्यों सिख दंगों का दाग होने पर भी कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाना कांग्रेस की मजबूरी है ?

    समय- 1 नवंबर 1984, जगह- दिल्ली का रकाबगंज गुरुद्वारा। जहां पर मौजूद थे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ, जो कि जल्दी ही मध्य प्रदेश में कांग्रेस के मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे। रकाबगंज गुरुद्वारा वो जगह है जहां ‘हिंद की चादर प.पू. गुरु तेगबहादुर जी’ का अंतिम संस्कार किया गया था। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद इसी जगह पर भयानक दंगा हुआ जिसमें सिखों को बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया। जिसका आरोप लगा कमलनाथ पर। आज कांग्रेस सिख दंगे के सभी आरोपियों से लगभग पल्ला झाड़ चुकी है। लेकिन मध्य प्रदेश में कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाना उसकी मजबूरी है। जानिए क्यों-