लड्डू बेचने वाले के बेटे ने रचा इतिहास, बनाई देश की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी, एजूकेशन इंडस्ट्री में धाक

Rajkumar Upadhyaya |  
Published : Apr 16, 2024, 01:16 PM ISTUpdated : Apr 16, 2024, 02:50 PM IST
लड्डू बेचने वाले के बेटे ने रचा इतिहास, बनाई देश की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी, एजूकेशन इंडस्ट्री में धाक

सार

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की शुरूआत में लोग यह कह कर अशोक कुमार मित्तल का मजाक उड़ाते थे कि अब मिठाई बेचने वाले लोग डिग्री देंगे। डाक्टरेट तक डिग्री देने वाली यूनिवर्सिटी अब कनाडा, ब्राजील, चीन, पोलैंड, स्पेन, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड की जानी मानी यूनिवर्सिटीज के साथ मिलकर काम करती है।

नई दिल्ली। पंजाब के अशोक कुमार मित्तल के पिता ने कर्ज लेकर मिठाई की दुकान खोली। धीरे-धीरे शहर में स्टोर की संख्या बढ़ाई। मारूति की डीलरशिप हासिल की और फिर एजूकेशन इंडस्ट्री में कदम रखा। वर्तमान में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी देश की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी है। विश्वविद्यालय की स्थापना अशोक कुमार मित्तल द्वारा की गई। उनकी पत्नी रश्मि मित्तल प्रो-चांसलर के रूप में यूनिवर्सिटी के प्रशासन और संचालन से जुड़े काम देखती हैं। मित्तल परिवार के फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी प्रेरणादायक है। आइए उसके बारे में जानते हैं। 

पिता ने 500 रुपये उधार लेकर शुरू की थी मिठाई की दुकान

अशोक कुमार मित्तल के पिता बलदेव राज मित्तल मिठाई की दुकान चलाते थे। उन्होंने इसकी शुरूआत जालंधर में साल 1961 में अपने दोस्त से 500 रुपये उधार लेकर की थी। दुकान का नाम रखा लवली स्वीट्स। उस दौर में पंजाब में मोटी बूंदी वाले लड्डू लोग खूब पसंद करते थे। उनके भी मोतीचूर के लड्डू हिट हो गए। दूसरे मिठाई की दुकानों से अलग उनकी शॉप पर साफ सफाई का विशेष ख्याल रखा जाता था। दुकान की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ती गई। साल 1969 तक शहर में तीन और दुकानें शुरू कर दीं। मौजूदा समय में जालंधर समेत आसपास के इलाकों में उनके 10 से ज्यादा स्वीट स्टोर संचालित हो रहे हैं। 

कौन है लवली प्रोफेशन यूनिवर्सिटी का मालिक?

साल 1996 में मित्तल परिवार ने मारुति की डीलरशिप हासिल की। समय के साथ उसमें भी तरक्की हुई। मौजूदा समय में जालंधर और आसपास की जगहों पर लवली आटो के नाम से 25 से ज्यादा स्टोर हैं। साल 1999 में परिवार ने एजूकेशन इंडस्ट्री में कदम रखा। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट स्टडीज के नाम से संस्थान खोला। पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (PTU) से एक्रेडिएशन लिया। यह वह दौर था। जब पंजाब में कोई प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी नहीं थी।

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी को कब मिला विश्वविद्यालय का दर्जा?

अशोक कुमार मित्तल के प्रयास से साल 2005 में संस्थान को यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल गया। साल 2006 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का पहला सेशन शुरू हुआ। वर्तमान में दुनिया भर के 50 से अधिक देशों के 35 हजार स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं। 600 एकड़ में फैले कैम्पस में 3500 से ज्यादा एकेडमिक स्टॉफ हैं। सालाना टर्नओवर 1135 करोड़ रुपये है। अब मित्तल परिवार का बैटरी निर्माण, रियल एस्टेट, ईवी, चार्जिंग सेंटर के सेक्टर में भी बिजनेस शुरू करने की तैयारी है।

किन यूनिवर्सिटीज के साथ लवली प्रोफेशन यूनिवर्सिटी का पैक्ट?

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की शुरूआत में लोग यह कह कर अशोक कुमार मित्तल का मजाक उड़ाते थे कि अब मिठाई बेचने वाले लोग डिग्री देंगे। डाक्टरेट तक डिग्री देने वाली यूनिवर्सिटी अब कनाडा, ब्राजील, चीन, पोलैंड, स्पेन, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड की जानी मानी यूनिवर्सिटीज के साथ मिलकर काम करती है। अशोक कुमार खुद सांसद हैं।

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