DRDO : पहली बार लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइल का धमाकेदार टेस्ट, पाकिस्तान में खलबली

Rajkumar Upadhyaya |  
Published : Nov 13, 2024, 02:14 PM ISTUpdated : Nov 13, 2024, 02:15 PM IST
DRDO : पहली बार लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइल का धमाकेदार टेस्ट, पाकिस्तान में खलबली

सार

भारत ने पहली बार 1000 किमी रेंज वाली लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया। DRDO द्वारा विकसित इस मिसाइल की टेस्टिंग से भारतीय सैन्य शक्ति में बड़ा इजाफा हुआ है, जिससे पाकिस्तान में खलबली मच गई है।

नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को पहली बार लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (एलआरएलएसीएम) की सफल टेस्टिंग की। ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से इस मॉर्डन मिसाइल का परीक्षण किया गया, जो जमीन से दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने में सक्षम है। इसकी रेंज एक हजार किलोमीटर से अधिक है। डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) को इस सफलता पर बधाई दी है।

मिसाइल में हाईटेक सॉफ्टवेयर और एवियोनिक्स का यूज

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल में हाईटेक सॉफ्टवेयर और एवियोनिक्स का यूज किया गया है। मिसाइल ने टेस्टिंग के दौरान कई ऊंचाइयों और स्पीड पर उड़ान भरी और अपनी कैपेसिटी का प्रदर्शन किया। इसके नेविगेशन सिस्टम ने पॉइंट नेविगेशन तकनीक का यूज करते हुए मिसाइल को अपने पथ पर बनाए रखा, जिससे यह सही समय पर अपने लक्ष्य को भेद सकी।

ADE, BDL, BEL ने मिलकर बनाई मिसाइल

इस मिसाइल का निर्माण डीआरडीओ के बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADE) और अन्य भारतीय कंपनियों के सहयोग से किया गया है। इसमें भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) जैसे प्रतिष्ठित भारतीय रक्षा उद्योग भी शामिल हैं। मिसाइल के प्रदर्शन की निगरानी के लिए रडार, इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री जैसे कई अत्याधुनिक सेंसरों का उपयोग किया गया।

सिर्फ जमीन नहीं, जहाजों से भी किया जा सकता है लॉन्च

डीआरडीओ द्वारा निर्मित इस मिसाइल की विशेषता यह है कि इसे केवल जमीन से ही नहीं, बल्कि यूनिवर्सल वर्टिकल लॉन्च मॉड्यूल सिस्टम के जरिए नौसेना के फ्रंटलाइन जहाजों से भी लॉन्च किया जा सकता है। इस कैपेसिटी के चलते भारतीय नौसेना की शक्ति और भी अधिक मजबूत हो जाती है, जिससे वह समुद्र में दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने में सक्षम होगी।

भारत मजबूत कर रहा अपनी रॉकेट फोर्स

भारत अब अपनी रॉकेट फोर्स को भी मजबूत कर रहा है। चीन के पास लंबी दूरी के हथियारों का बड़ा जखीरा है, जिसे देखते हुए भारत भी अपनी सामरिक क्षमताओं को बढ़ा रहा है। भारत की वायुसेना और थलसेना ने हाल ही में प्रलय मिसाइल का ऑर्डर दिया है, जो कि 150 से 500 किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों को भेदने में सक्षम है। जिसकी की रफ्तार 1200 किलोमीटर प्रति घंटा है और इसे 2000 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाया जा सकता है।

पड़ोसी देश में चिंता

 डीआरडीओ द्वारा लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान में खलबली मच गई है। भारत की सैन्य शक्ति में इस वृद्धि से पाकिस्तान की चिंता स्वाभाविक है। भारत के इस कदम से यह संदेश जाता है कि वह अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए हर प्रकार से सक्षम और तैयार है।

ये भी पढें-दुश्मन पर कयामत बनकर टूटेगी भारत की एंटी-शिप मिसाइल 'प्रलय', DRDO करेगा परीक्षण, जानें ताकत

PREV
Pride of India (भारत का गौरव): पढ़ें inspiring Indians की success stories, देश के गौरव से जुड़ी उपलब्धियां, defence achievements, सेना की बहादुरी, ISRO milestones, awards, records और national pride की खास खबरें। भारत की प्रेरक कहानियां—MyNation Hindi पर।

Recommended Stories

भारत की सुरक्षा में फ्रांस का हाथ! दुश्मन देशों के उड़ जाएंगे होश
Good News: भारत में जन्मी चीता मुखी ने कूनो पार्क में दिया 5 शावकों को जन्म!