भारत के कई शहर लगातार बढ़ते तापमान से जूझ रहे हैं। एयर कंडीशनर और कूलर का उपयोग हर किसी के लिए संभव नहीं है, खासकर निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए। ऐसे में, एक अनोखा लेकिन सरल समाधान तेजी से लोकप्रिय हो रहा है – सफेद छतें!
बढ़ते तापमान में सफेद छतों की बढ़ती लोकप्रियता
यह नया नहीं, बल्कि एक पारंपरिक और वैज्ञानिक रूप से सिद्ध उपाय है, जिसे "कूल रूफ" कहा जाता है। सफेद रंग की छतें सूर्य की गर्मी को अवशोषित करने के बजाय उसे परावर्तित कर देती हैं, जिससे घरों का तापमान 2-5°C तक कम हो सकता है।
सफेद छतें कैसे काम करती हैं?
गहरे रंग की सतहें सूरज की रोशनी और गर्मी को अधिक सोखती हैं, जिससे इमारतों का तापमान बढ़ जाता है। कंक्रीट या धातु की छतें गर्मी के दिनों में 65°C तक गर्म हो सकती हैं। लेकिन जब इन्हें सफेद रंग या परावर्तक पेंट से रंगा जाता है, तो तापमान 28°C तक कम हो सकता है।
इसका मतलब यह हुआ कि घर के अंदर का तापमान स्वाभाविक रूप से ठंडा रहेगा, जिससे पंखे, कूलर और AC की जरूरत कम पड़ेगी।
सफेद छतों के फायदे
1. घर के अंदर ठंडक: छत के सफेद होने से कमरों का तापमान कम हो जाता है।
2. बिजली की बचत: कम तापमान का मतलब कम कूलिंग उपकरणों का उपयोग, जिससे बिजली के बिल में कटौती होती है।
3. बेहतर स्वास्थ्य और नींद: गर्मी से राहत मिलने से बेहतर नींद आती है और शरीर पर कम दबाव पड़ता है।
4. पर्यावरण अनुकूल: कम बिजली खपत से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।
5. शहरी गर्मी द्वीप प्रभाव से राहत: घनी आबादी वाले शहरों में सफेद छतें आसपास के वातावरण को भी ठंडा रखती हैं।
भारत में सफेद छतों का प्रभाव
1. अहमदाबाद, गुजरात: वानजारा वास झुग्गी में 400+ घरों की छतों पर सफेद कोटिंग की गई। नतीजा? कम बिजली खर्च, बेहतर नींद और आरामदायक माहौल!
2. तेलंगाना: 2023 में तेलंगाना भारत का पहला राज्य बना जिसने "कूल रूफ पॉलिसी" लागू की। सरकारी और व्यावसायिक इमारतों के लिए सफेद छतें अनिवार्य कर दी गईं।
3. दिल्ली: महिला आवास ट्रस्ट और शिकागो विश्वविद्यालय ने मिलकर दिल्ली की पुनर्वास कॉलोनियों में कम आय वाले निवासियों को ठंडी छतें पेंट करने में मदद की।
4. सूरत, भोपाल, जोधपुर: इन शहरों में भी NRDC (Natural Resources Defense Council) द्वारा चलाए गए कार्यक्रमों से हजारों लोगों को लाभ हुआ है।
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कैसे करें सफेद छत पेंटिंग?
1. सही दिन चुनें – गर्म और सूखे दिन पेंटिंग के लिए सही होते हैं।
2. छत की सफाई करें – किसी भी गंदगी या धूल को हटाने के लिए ब्रश या वॉटर जेट का उपयोग करें।
3. दरारें ठीक करें – पेंटिंग से पहले छत को अच्छी स्थिति में लाना जरूरी है।
4. प्राइमर लगाएं – कुछ पेंट्स के लिए बेस कोट आवश्यक होता है।
5. सफेद परावर्तक पेंट लगाएं – रोलर, ब्रश या स्प्रे का उपयोग करें।
6. सूखने दें – पेंट को 24 घंटे तक सूखने दें।
बस हो गया! यह सस्ता, आसान और बेहद प्रभावी उपाय है।
ध्यान रखने योग्य बातें
1. सफेद छतें गर्म क्षेत्रों में सबसे प्रभावी होती हैं।
2. कुछ जगहों पर, सर्दियों में यह घर को ठंडा भी कर सकती हैं।
3. गंदगी और धूल सफेद छत की प्रभावशीलता कम कर सकती है, इसलिए नियमित सफाई जरूरी है।
4. अच्छी गुणवत्ता के परावर्तक पेंट का उपयोग करना जरूरी है, ताकि यह अधिक समय तक प्रभावी रहे।
क्या सफेद छतें भविष्य का समाधान हैं?
सफेद छतें पूरी जलवायु समस्या का समाधान नहीं हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से कम आय वाले परिवारों के लिए एक किफायती, प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल समाधान हैं। अगर अधिक शहर तेलंगाना के नेतृत्व का अनुसरण करें, तो सफेद छतें गर्मी से बचाव और ऊर्जा बचत का राष्ट्रीय उपाय बन सकती हैं। तो क्या आप भी अपनी छत को सफेद करवाएंगे?
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