
भोपाल। यूं तो भोपाल, मध्य प्रदेश की राजधानी है, प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध भी है, पर सूबे में होने वाले बड़े आयोजनों में ज्यादातर 'कैपिटल सिटी' में न होकर अन्य शहरों में होते थे। करीबन 24 लाख की आबादी वाले भोपाल के एक नागरिक स्पर्श द्विवेदी को यह बात अंदर तक झकझोर गई। उन्होंने देखा कि देश के बड़े शहरों से हवाई कनेक्टिविटी और जरुरी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी की वजह से ऐसा हो रहा है। जिसका सीधा असर राजधानी की इकोनॉमी पर भी पड़ रहा है।
जनवरी 2023 में शुरु की मुहिम
जनवरी 2023 में एक बार फिर वही दोहराया गया। प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन भोपाल में न होकर दूसरे शहर में हुआ तो स्पर्श ने लोगों के बीच शहर को लेकर अपनत्व की भावना विकसित करने की चर्चा शुरु कर दी और यह चर्चा धीरे-धीरे एक कैंपेन में तब्दील हो गई और फरवरी 2023 से विधिवत भोपाल की ब्रांडिंग के लिए कमर कसकर मैदान में उतर गए, लेट्स भोपाल ब्रांड की मुहिम शुरु कर दी।
समाज के हर तबके के लोग जुड़ें
स्पर्श द्विवेदी ने सबसे पहले 2023 में भोपाल की ब्रांडिंग को लेकर वॉक शुरु की। टॉक शो का आयोजन हुआ। ताकि लोगों के अंदर शहर को लेकर अपनत्व की भावना विकसित हो। 'आई लव भोपाल' कैंपेन शुरु हुआ। आई लव भोपाल प्रिंटेड टीशर्ट लोगों का दी गई। उस दौरान बड़ी संख्या में राजनेता, डॉक्टर, इंजीनियर, सोशल वर्कर, स्पार्ट्स मैन, सीए, एनआरआई समेत समाज के अलग-अलग तबकों के लोग जुड़ें और कैंपेन ने एक बड़ा रूप अख्तियार कर लिया। जनप्रतिनिधियों ने भी इसमें रूचि दिखाई।
स्पर्श बन गए लोगों की आवाज
नतीजा यह हुआ कि भोपाल की ब्रांडिंग के मुद्दे पर स्पर्श लोगों की आवाज बन गए। शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की आवाजों को ताकत मिली। समय के साथ ऐसा होता भी दिख रहा है। भोपाल से गोवा के लिए विमान सेवा शुरू हो चुकी है। इंटरनेशनल स्टेडियम और कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए सरकार की तरफ से घोषणा की जा चुकी है।
कैपिटल सिटी के रूप में हो ग्रोथ
स्पर्श द्विवेदी कहते हैं कि भोपाल का पर्यटन के साथ व्यापारिक दृष्टि से भी विकास जरुरी है। जब हम दूसरे किसी शहर जाते हैं, तो पाते हैं कि एक कैपिटल सिटी के रूप में भोपाल की जो ग्रोथ होनी चहिए, वह नहीं हुई है। बड़े आयोजन यदि शहर में नहीं हुए तो भविष्य में फिर किसी अन्य शहर में होंगे। जब मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होगा तो उससे शहर की इकोनॉमी में बूस्ट आएगा।
...इससे शहर की इकोनॉमी को होगा फायदा
स्पर्श कहते हैं कि यदि 30 हजार लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होगा और उस कन्वेंशन सेंटर में यदि कोई बड़ा आयोजन होता है तो उसमें देश भर से आए लोग हिस्सा लेंगे। वह शहर को देखते हैं, और फिर दोबारा परिवार के साथ पर्यटन के लिए भी आने का प्लान करते हैं। उससे शहर की इकोनॉमी को फायदा होगा और शहर की पहचान भी मजबूत होगी। पर अभी इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, इसलिए फायदा नहीं मिल रहा है। भोपाल को लोग अभी भी गैस ट्रेजेडी के नाम से जानते हैं।
लोगों को चैनलाइज करके प्लेटफार्म बना
स्पर्श कहते हैं कि शहर को लेकर अपनेपन की भावना लोगों की बीच कम थी या लोग अपनी भावना व्यक्त नहीं कर पा रहे थे। हमने उसको चैनलाइज किया ताकि लोगों को अपनी मन के बात की अभिव्यक्ति के लिए एक प्लेटफार्म मिल सके, जहां वह अच्छे तरीके से अपनी बात रख सकें। व्यापारी संगठनों का भी सपोर्ट मिल रहा है।
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