
लोकसभा चुनाव के नतीजे तो 23 मई को आएंगे। लेकिन मोदी सरकार को पहले से ही घेरने के लिए विपक्षी दलों ने अभी से ही घेराबंदी शुरू कर दी है। विपक्षी दल किसी भी हालत में नहीं चाहते हैं कि त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति में बीजेपी की सरकार बने। लिहाजा विपक्षी दलों ने 21 मई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है और इसी दिन वह राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।
देश में चल रहे लोकसभा चुनाव में पांच चरण के मतदान हो चुके हैं और छटे दौर का मतदान 12 मई और सातवें दौर का मतदान 19 मई को होना है। हालांकि इस बार चुनाव नतीजों में करीब पांच घंटे की देरी हो सकती है। क्योंकि ईवीएम के वोटों से वीवीपैट का मिलान किया जाना है। चुनाव नतीजों से पहले ही पूरा विपक्ष बीजेपी को केन्द्र में फिर से सरकार बनाने से रोकने के लिए एकजुट होना शुरू हो गया है।
विपक्षी दल 21 मई को पहले बैठक करेंगे और उसके बाद वह राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। विपक्ष की रणनीति ये है कि अगर किसी भी राजनैतिक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है तो वह उसे बुलाएं जिसके पास पूर्ण बहुमत हो। फिलहाल विपक्षी दलों को एकजुट करने की कमान आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने संभाली है। हालांकि इसी सिलसिले में उन्होंने कल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। हालांकि नायडू की कोशिश है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजपार्टी भी उसके साथ आए।
क्योंकि चुनाव से पहले जब नायडू ने विपक्षी दलों की बैठक बुलाई थी, उस वक्त दोनों दलों ने बैठक से दूरी बनाई थी। फिलहाल इसे चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विपक्षी एकता की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यही नहीं नायडू पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए जा रहे हैं। ताकि ममता बनर्जी को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अहम जिम्मेदारी दी जा सके।
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