भाजपा के 18 योद्धाओं की टीम जीतेगी 2019 की जंग

Anindya Banerjee |  
Published : Dec 29, 2018, 06:46 PM IST
भाजपा के 18 योद्धाओं की टीम जीतेगी 2019 की जंग

सार

भाजपा ने सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों में 18-18 कार्यकर्ताओं की तैनाती की है। इसे टीम-18 का नाम दिया गया है। इन 9774 कार्यकर्ताओं के कंधे पर 2019 के चुनावों की पूरी कमान होगी। यह लोग स्थानीय स्तर पर मोदी सरकार के बारे में जनता के विचार जानेंगे और जरुरी हुआ तो उसे बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे। 

 जब कोई पार्टी एक बार में तीन राज्यों में सत्ता खो देती है, तो उसकी रणनीति को लेकर सवाल उठने लाजिमी हैं और आत्मनिरीक्षण अपरिहार्य है। इसलिए, जब भाजपा ने छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश को कांग्रेस के हाथों खो दिया, तो पार्टी के विरोधियों ने मजाक उड़ाया गया, विद्रोहियों ने प्रतिशोध का दावा किया और सहयोगियों ने 2019 के आम चुनाव के लिए सीट-बंटवारे में अपने हिस्से के लिए कड़ा मोलभाव किया। लेकिन बीजेपी ने वही किया जो उसे करना था।

अपनी हार से सबक लेते हुए, भाजपा ने परिणाम की घोषणा के 5 दिनों के भीतर 2019 के आम चुनाव के लिए एक शानदार योजना बनाई, ताकि वे 2019 की गर्मियों में जश्न मना सकें। इस योजना को तैयार करने के  एक सप्ताह के भीतर अमल में लाया गया। भाजपा इसे 'टीम 18' कह रही है। 

इस वृहत योजना की हर तफसील माय नेशन के पास है। योजना को भाजपा के शीर्षस्थ नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहमति मिल चुकी है।
 

भाजपा ने सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों के लिए 18-18 लोगों की टीम बनाई है। यानी भाजपाके 9,774 कार्यकर्ता इन सभी लोकसभा क्षेत्रों में तैनात हो चुके हैं। जो कि चुनाव खत्म होने तक मॉनिटरिंग, मोदी सरकार के प्रति स्थानीय आबादी के नजरिए में बदलाव और नई संभावनाएं तलाशने की कोशिश के काम में जुटे हुए हैं।

एक सूत्र ने संवाददाता को बताया कि मीडिया प्रबंधन के लिए तीन प्रभारी बनाए गए हैं। दूसरे तीन लोग प्रत्येक लोकसभा सीट के लिए सोशल मीडिया अभियान का नेतृत्व करेंगे। मीडिया के प्रभारी लोगों का काम समाचार संगठनों को बाइट देना नहीं है, बल्कि यह देखना होगा कि स्थानीय मीडिया सांसद और नरेंद्र मोदी सरकार के बारे में क्या कह रहा है। 

वह स्थानीय स्तर पर रोजाना के मौखिक संवाद, स्थानीय समाचार पत्र, स्थानीय चैनल और न्यूज पोर्टलों पर नजर रखेंगे। अगर कोई नकारात्मक खबर दिखाई दे तो उसका रिकॉर्ड रखा जाएगा। 

प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में तीन सोशल मीडिया प्रमुख स्थानीय प्रचलित व्हाट्सएप समूहों और क्षेत्र में प्रभाव रखने वाले लोगों के फेसबुक पेजों पर हो रही बातचीत पर नजर रखेंगे। 

देश भर में पिछले एक साल में ऐसे कई लोकप्रिय फेसबुक अकाउंट खुले हैं जो क्षेत्रीय भाषाओं का उपयोग करते हुए क्षेत्र विशेष की स्थानीय जनता से संबंधित स्थानीय भावनाओं से युक्त खबरें प्रकाशित करते हैं। यह तीनों उसपर नजर बनाए रखेंगे। 
एक सूत्र ने बताया कि अगर वर्तमान बीजेपी सांसद के खिलाफ लिखी गई किसी पोस्ट को बहुत ज्यादा लाईक या शेयर मिले तो पार्टी वहां किसी और को टिकट देने पर विचार कर सकती है।
 

बीजेपी के एक सूत्र ने माय नेशन को बताया कि एक लोकसभा क्षेत्र में एक प्रभारी, एक समन्वयक, एक सह-संयोजक बनाया जाएगा। 

माय नेशन को मिली खबर के मुताबिक सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों में एक विस्तारक भी नियुक्त करने का प्रावधान है जिसका काम मोदी सरकार के बारे में जनता की राय को आकार देना और उसे बदलना रहेगा।

 

टीम 18, भाजपा के जिला अध्यक्षों को अपनी दैनिक रिपोर्ट भेजेगी। जो किइसे जमा करके साप्ताहिक रुप से राज्य पार्टी अध्यक्ष को भेजेंगे। यह सभी राज्य अध्यक्ष इस रिपोर्ट को तैयार करके बीजेपी के मुख्य रणनीतिकार पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को भेजेंगे। 

सूत्रों ने जानकारी दी है कि शाह ने इस योजना के बारे में किसी और पार्टी पदाधिकारी को जानकारी पहले जानकारी देने से पहले प्रधानमंत्री को इससे अवगत कराया गया है। चर्चा के बाद दोनों नेता इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि भाजपा न केवल धारणा तैयार करने की जंग में मात खा रही है बल्कि संसदीय क्षेत्र की जनता क्या सोच रही है इसपर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 

इस पूरी योजना की तैयारी 6 दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित बीजेपी कार्यालय की बजाए अमित शाह के आधिकारिक निवास अकबर रोड पर संपन्न हुई। जिसमें सिर्फ चुनिंदा पार्टी कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया। 
जिन्हें टास्क दिया गया था ‘फिर एक बार, मोदी सरकार’

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