
वीडियोकॉन ग्रुप को हजारों करोड़ देने के मामले में जांच का सामना कर रही आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व चीफ चंदा कोचर की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। सीबीआई ने पहले उनके खिलाफ मामला दर्ज किया और अब उनके खिलाफ सीबीआई का लुकआउट नोटिस जारी किया है। वहीं अब मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में कोचर से ईडी भी पूछताछ कर सकती है। सीबीआई ने चंदा, उनके पति दीपक कोचर और विडियोकॉन के मैनेजिंग डायरेक्टर वेणुगोपाल धूत के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है।
ये मामला 2009 से 2011 के बीच का है जबकि बैंक ने वीडियोकॉन ग्रुप को 1,875 करोड़ रुपए का लोन मंजूर किया था। पिछले महीने ही जांच एजेंसी सीबीआई ने कथित तौर पर भ्रष्टाचार के सिलसिले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। अब लुकआउट सर्कुलर जारी कर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है। इस सर्कुलर जारी होने के बाद तीनों देश से बाहर नहीं जा सकेंगे। कोचर के खिलाफ पहली बार सर्कुलर जारी किया गया है।
क्योंकि सीबीआई की एफआईआर में उनका नाम है, इसलिए उन्हें संदिग्ध मानते हुए इस दायरे में लाया गया है। सीबीआई के अफसरों के मुताबिक एफआईआर के बाद लुकआउट नोटिस फाइल किए गए थे। असल में चंदा कोचर का आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व सीईओ के तौर पर ऊंचा प्रोफाइल रहा है। लिहाजा सीबीआई भी सोच समझ कर कदम उठा रही है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद एक अफसर का ट्रांस कर दिया गया था। जिसके बाद काफी विवाद हुआ था।
अब ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग के केस में चंदा कोचर और दीपक कोचर को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रहा है। क्योंकि जिस वीडियोकॉन कंपनी को बैंक ने लोन दिया है उसने करोड़ रुपए कोचर के पति दीपक कोचर की कंपनी में ट्रांसफर किए हैं। लिहाजा अब ईडी वीडियोकॉन से दीपक कोचर की कंपनी के कारोबारी रिश्तों पर जानकारी चाहते हैं। इसी मामले मे ईडी चंदा कोचर से बैंक की तरफ से वीडियोकॉन ग्रुप को दिए गए लोन के बारे में सवाल-जवाब कर सकता है। जांच एजेंसियां उनकी संपत्तियों के बारे में भी पूछताछ करना चाहता है, जिसमें उनके मुंबई के फ्लैट के बारे में पूछताछ की जाएगी।
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