पति का कबूलनामा ही काफी है चंदा कोचर के गुनाह का सबूत, जानें क्या है मामला

Published : Mar 14, 2019, 11:07 AM ISTUpdated : Mar 14, 2019, 03:10 PM IST
पति का कबूलनामा ही काफी है चंदा कोचर के गुनाह का सबूत, जानें क्या है मामला

सार

आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर को गुनाहगार साबित करना जांच एजेंसियों के लिए मुश्किल का काम नहीं है। चंदाकोचर विडियोकॉन को नियमों को ताक में रखकर कर्ज देने के मामले में जांच एजेंसियों का सामना कर रही हैं। हालांकि अभी तक कोचर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। 

नई दिल्ली।

आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर को गुनाहगार साबित करना जांच एजेंसियों के लिए मुश्किल का काम नहीं है। चंदाकोचर विडियोकॉन को नियमों को ताक में रखकर कर्ज देने के मामले में जांच एजेंसियों का सामना कर रही हैं। हालांकि अभी तक कोचर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। लेकिन चंदा कोचर को गुनाहगार साबित करना जांच एजेंसियों के लिए आसान है। क्योंकि चंदाकोचर के पति दीपक कोचर पहले ही ये स्वीकार कर चुके हैं कि विडियोकॉन ग्रुप के साथ उनके आर्थिक रिश्ते हैं।

असल में चंदाकोचर ने बैंक के एमडी और सीईओ रहते हुए विडियोकॉन ग्रुप को करीबी तीन हजार करोड़ रुपये का कर्ज किया था और जिसका अधिकांश हिस्सा बाद में एनपीए घोषित कर दिया गया था। विडियोकॉन ग्रुप ने बैंक से कर्ज मिलने के बाद चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को पैसा ट्रांसफर किया था। जिसकी जांच एजेंसियां कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई ने चंदाकोचर, दीपक कोचर और विडियोकॉन ग्रुप के एमडी वेणुगोपाल धूत के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं। पिछले दिनों ही इन तीन से कई बार पूछताछ की गयी और इस मामले को देखते हुए इन तीनों के खिलाफ नोटिस जारी की गयी है। ताकि ये देश छोड़कर न जा सकें।

असल में चंदा कोचर के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत उनके पति ही हैं। क्योंकि दीपक कोचर ने स्वीकार किया था कि कई वर्षों से विडियोकॉन ग्रुप के साथ उनकी डीलिंग्स चल रही थीं। दीपक के कबूलनामे और इस मामले में पारदर्शिता नहीं होने के बारे में सफाई देने की चंदा की कोशिशों के बाद बैंक के बोर्ड का उन पर से भरोसा उठ गया था। उधर बैंक की आचार संहिता के प्रावधानों के अनुसार, प्रबंधन से जुड़े लोगों को बैंक के कस्टमर्स या वेंडर्स के साथ अपने परिवार के किसी भी सदस्य के कारोबारी संबंध की जानकारी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से देनी होती है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ईडी की टीम ने चंदा कोचर और धूत के आवास और दफ्तरों में छापे मारे थे और उसके बाद से ईडी दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है।

जानकारी के मुताबिक आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकोन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का लोन दिया था। लेकिन बाद में ग्रुप ने इस लोन में से 86 फीसदी नहीं चुकाए और जिसे बाद में एनपीए में डाल दिया गया था। ऐसा भी कहा जा रहा है कि धूत की कंपनी ने कोचर के पति की कंपनी को भी पैसे ट्रांसफर किए। पिछले साल इस मामले के सामने आने के बाद चंदा कोचर को बैंक से इस्तीफा देना पड़ा था। बैंकिंग के सेक्टर में अपनी एक अलग पहचान बनाई। कभी फोर्ब्स मैग्जीन ने उन्हें की 'दुनिया की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया था। आईसीआईसीआई बैंक और वीडियोकॉन लोन मामले में बैंक की पूर्व एमडी व सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को शनिवार को भी प्रवर्तन निदेशालय में तलब किया गया था।

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