
राजस्थान की कांग्रेस सरकार अकबर महान या फिर महाराणा प्रताप महान के मुद्दे पर बैकफुट पर आ गयी है। सरकार ने अब महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा स्कूलों में पढ़ाने का फैसला किया है। यही नहीं वीर सावरकर को लेकर राजस्थान सरकार फिलहाल अपना फैसला बदलने के पक्ष में नहीं है।
राजस्थान में अकबर महान या फिर महाराणा प्रताप महान का मुद्दा गर्माने के बाद राजस्थान सरकार अब बैकफुट पर आ गयी है। राजस्थान सरकार ने अब स्कूलों में माध्यमिक स्तर तक चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों में महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा पढ़ाने फैसला किया है। अब राज्य सरकार अकबर महान के साथ ही महाराणा प्रताप की वीर गाथा को बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल करेगी।
नए पाठ्यक्रम में यह नहीं पढ़ाया जाएगा कि हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की पराजय हुई थी। बच्चे महाराणा प्रताप की गौरव गाथा पढ़ेंगे। फिलहाल ये पाठ्यक्रम जुलाई से पढ़ाया जाएगा। हालांकि राज्य में नया सत्र शुरू हो गया है। लेकिन सरकार ने पाठ्यक्रम में इस नए विषय को शामिल करने का फैसला किया है। फिलहाल राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने वीर सावरकर के बारे में पाठ्यक्रम में शामिल किए जा रहे विषय पर कोई फैसला नहीं किया है।
जबकि राज्य में बीजेपी इसका विरोध कर रही है। सरकार इसे पाठ्यक्रम में शामिल करेगी। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने वीर सावरकर को अंग्रेजो से माफी मांगने वाला बताया है। सरकार के आदेश के बाद बच्चों के लिए जो विषय तैयार किया जा रहा है, उसमें वीर सावरकर को आजादी का नायक और देशभक्त नहीं बल्कि अंग्रेजों से माफी मांगने वाला बताया गया है।
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