रायबरेली में दरक रहा है किला तो अमेठी में दुरूस्त करने में जुटी कांग्रेस

Published : Jun 23, 2020, 12:01 PM IST
रायबरेली में दरक रहा है किला तो अमेठी में दुरूस्त करने में जुटी कांग्रेस

सार

हालांकि लोकसभा चुनाव के एक साल के बाद अब कांग्रेस को अमेठी का याद आई और वह अपने किले को फिर से मजबूत करने की रणनीति पर काम रही है। अमेठी में भाजपा नेता स्मृति ईरानी की जीत के सालभर बाद ही यहां के लोगों की थाह लेने में जुटी गई है।  इसके लिए कांग्रेस आलाकमान ने जिला कमेटी को निर्देश दिया है कि वह जिले कर छोटी बड़ी घटना पर नजर रखे।

लखनऊ। कांग्रेस के गढ़ कहे जाने वाले अमेठी में कांग्रेस एक बार फिर अपने किले को दुरूस्त करने में जुट गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की देखरेख में कांग्रेस एक बार खुद को खड़ा करने की कोशिश कर रही है। ताकि भाजपा के खिलाफ पार्टी को एक बार खड़ा किया जा सके। वहीं रायबरेली में कांग्रेस के किले में दरार आ गई है और पार्टी  विधायक कभी भी पार्टी को अलविदा कह सकती है। 

अमेठी कभी कांग्रेस का सबसे मजबूत किला माना जाता था, लेकिन लोकसभा चुनाव में इस किले में भाजपा ने सेंध लगा दी और राहुल गांधी को करारी हार मिली। जबकि रायबरेली में सोनिया की हार जीत का अंतर भी काफी कम रह गया।  हालांकि लोकसभा चुनाव के एक साल के बाद अब कांग्रेस को अमेठी का याद आई और वह अपने किले को फिर से मजबूत करने की रणनीति पर काम रही है। अमेठी में भाजपा नेता स्मृति ईरानी की जीत के सालभर बाद ही यहां के लोगों की थाह लेने में जुटी गई है।  इसके लिए कांग्रेस आलाकमान ने जिला कमेटी को निर्देश दिया है कि वह जिले कर छोटी बड़ी घटना पर नजर रखे।

राहुल गांधी की अमेठी में हार के बाद राहुल गांधी एक बार और  दो बार प्रियंका वहीं सोनिया गांधी एक बार अमेठी आ चुकी हैं। इसके जरिए गांधी परिवार ये जताना चाहता है कि वह अमेठी की जनता के साथ है। वहीं कोरोना संकट के दौरान प्रियंका गांधी के साथ ही राहुल गांधी कई बार जिला कमेटी के लोगों से बातचीत कर चुके हैं। पार्टी की रणनीति के तहत ही कांग्रेस अमेठी की हर छोटी बड़ी-घटना पर सीधे दखल दे रही है। वहीं भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। राज्य में 2022 में चुनाव होने हैं और प्रियंका को यूपी की कमान दे दी गई है। लिहाजा पार्टी अब इस दिशा में काम कर रही है कि पार्टी की दुर्गित लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में न हो। अगर ऐसा होता है तो पार्टी जिले में खत्म हो जाएगी।

कोरोना संकट में कांग्रेस शासित राज्यों से आई मदद
कोरोना संकट काल में कांग्रेस ने कांग्रेस शासित राज्यों से मदद लेकर अमेठी में लोगों की मदद की।  कोरोना आपदा में अमेठी के लोगों की मदद के लिए पंजाब और अन्य राज्यों से अनाज व अन्य सामान आया। लेकिन गरीबों में कितना बंटा इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। कांग्रेस के स्थानीय नेता दावा करते हैं कि कोरोना संकट खत्म होते ही राहुल अमेठी आएंगे।

सोनिया प्रियंका के खिलाफ लग चुके हैं नारे

अमेठी और रायबरेली में सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ पिछले दिनों नारे लग चुके हैं। क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दावा किया था कि जिले में आने वाले प्रवासियों को ट्रेन का टिकट दिया जाएगा। लेकिन कांग्रेस ने इस टिकट का पैसा नहीं दिया।  जिसके बाद जिले में सोनिया और प्रियंका के खिलाफ जमकर नारे बाजी हुई।हालांकि जब मामला मीडिया में आया तो कांग्रेस ने जिला प्रशासन से प्रवासियों की सूची मांगी।

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