
महिलाओं के सजने संवरने पर सहारनपुर के मौलानाओं ने एक बार फिर से पाबंदी लगाई है। उन्होंने नाखून बढ़ाने के खिलाफ फतवा जारी किया है।
दारुल उलूम देवबंद के इफ्ता विभाग के मुफ्तियों की खंड पीठ ने एक फतवा जारी करते हुए कहा कि नाखून बढ़ाना इस्लाम में नाजायज है। चालीस दिन बाद भी नाखून ने काटना ‘मकरूह’ है।
यह फतवा मुजफ्फरनगर के तेवड़ा गांव के एक शख्स मोहम्मद तुफैल के सवाल के जवाब में जारी किया गया। जिसमें उसने पूछा था, कि महिलाओं का नाखून बढ़ाकर नेलपॉलिश लगाना कितना जायज है।
जिसके जवाब में मौलानाओं ने कहा कि नेलपॉलिश लगाने से नाखून पर रंग की पर्त जम जाती है। जिससे वहां तक पानी नहीं पहुंचता। इसलिए वजू नहीं की जा सकती। इसलिए नमाज पढ़ने से पहले नेलपॉलिश साफ कर देनी चाहिए।
खास बात यह है कि नमाज दिन में पांच बार पढ़ी जाती है। इस सूरत में महिलाओं को दिन में पांच बार नेलपॉलिश लगानी और उतारनी होगी।
वहीं मौलानाओं ने नाखून बढ़ाने को पूरी तरह नाजायज करार दिया है।
इससे पहले पिछले महीने की सात तारीख यानी 7 अक्टूबर को दारुल उलूम देवबंद ने महिलाओं सजने संवरने पर एक और पाबंदी लगाई थी। जिसमें कह गया था, कि महिलाओं के लिए बाल कटवाना और आईब्रो बनवाना नाजायज है।
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