
सूरत (गुजरात)। उमरपाड़ा में लीलाबेन मोहनलाल शाह विद्या मंदिर का भव्य उद्घाटन पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं मंगरोल के विधायक श्री गणपतसिंह वसावा की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री वसावा के साथ प्रसिद्ध शिक्षाविद्, लेखक, वक्ता एवं समाजसेवी डॉ. जय वाशी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में शाह परिवार के सदस्य, सामाजिक अग्रणी, अभिभावक, शिक्षक, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
इस विद्यालय की स्थापना कलामंदिर वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा की गई है, जो कलामंदिर ज्वेलर्स लिमिटेड की सामाजिक एवं कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल है। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और सामुदायिक कल्याण के माध्यम से समाज में सकारात्मक एवं दीर्घकालिक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्यरत है।
विद्यालय का नाम श्रीमती लीलाबेन मोहनलाल शाह एवं श्री मोहनलाल शाह (अध्यक्ष, कलामंदिर ज्वेलर्स लिमिटेड) के सम्मान में रखा गया है। यह संस्था उनके सरल जीवन, करुणा, सेवा-भाव और समाज के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास है। उद्घाटन समारोह में उनकी उपस्थिति ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया। यह विद्यालय इस विश्वास का जीवंत प्रतीक है कि सच्ची सफलता केवल अपने लिए कुछ बनाने में नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसरों का निर्माण करने में है।
दक्षिण गुजरात के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र उमरपाड़ा में स्थित यह विद्यालय उन बच्चों और परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया द्वार खोलेगा, जिन्हें बेहतर शैक्षणिक अवसरों की आवश्यकता है। यहां के अनेक बच्चों के लिए यह विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि आशा, आत्मविश्वास, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनेगा।
वर्तमान में विद्यालय में किंडरगार्टन से कक्षा 8 तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को सुलभ, मूल्य-आधारित और समग्र शिक्षा प्रदान करना है। यहां शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन, खेलकूद, आत्मविश्वास निर्माण और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि बच्चे केवल अच्छे विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक भी बन सकें।
उद्घाटन समारोह के दौरान विद्यार्थियों का कुमकुम तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जो उनके शैक्षणिक जीवन की शुभ शुरुआत का प्रतीक था। साथ ही विद्यार्थियों को पुस्तक किट एवं स्कूल यूनिफॉर्म वितरित किए गए, जिससे वे अपने नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत सम्मान और उत्साह के साथ कर सकें।
अपने संबोधन में डॉ. जय वाशी ने कहा कि शिक्षा केवल साक्षरता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास, संस्कार और सीमाओं से आगे बढ़कर सपने देखने का साहस प्रदान करती है। कलामंदिर वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर कहा कि समाज को वापस देना कोई गतिविधि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। कलामंदिर परिवार लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, भूख राहत, सम्मान और सामाजिक कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों में योगदान देता रहा है तथा उसका उद्देश्य समाज में स्थायी और सार्थक परिवर्तन लाना है।
लीलाबेन मोहनलाल शाह विद्या मंदिर का उद्घाटन केवल एक विद्यालय भवन की शुरुआत नहीं, बल्कि उन बच्चों तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने का सामूहिक संकल्प है, जो बेहतर अवसरों, मजबूत सहयोग और उज्ज्वल भविष्य के हकदार हैं।
शिक्षा समाज में किया जाने वाला सबसे सार्थक निवेश है। लीलाबेन मोहनलाल शाह विद्या मंदिर के माध्यम से हम ऐसे आत्मविश्वासी, संवेदनशील और सक्षम बच्चों का निर्माण करना चाहते हैं, जो अपने परिवार, समुदाय और समाज के विकास में सकारात्मक योगदान दें।
जारीकर्ता:
कलामंदिर वेलफेयर फाउंडेशन
कलामंदिर ज्वेलर्स लिमिटेड की CSR पहल
नोट: यह प्रमोशनल कंटेंट है।
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