
सूरत (गुजरात)। शहर के सूरत मैरियट होटल में कॉर्पोरेट कनेक्शन्स इंडिया द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय मंच बिग हेयरी ऑडेशियस फोरम (BHAF) का शनिवार को समापन हुआ। 13 और 14 मार्च को आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के सफल उद्यमी, संस्थापक और बिज़नेस लीडर्स ने नेतृत्व, उद्यमिता और भविष्य के व्यवसाय पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने भी अपने अनुभव और विचार साझा किए। दोनों वक्ताओं ने अलग-अलग विषयों पर प्रेरक संदेश दिए, जहां अर्जुन कपूर ने लोगों के साथ भावनात्मक जुड़ाव को सफलता की कुंजी बताया, वहीं सी.आर. पाटिल ने जल संरक्षण को भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया।
अभिनेता अर्जुन कपूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी कलाकार की असली ताकत उसके दर्शकों के साथ बनने वाला भावनात्मक रिश्ता होता है। उन्होंने बताया कि उसी दिन सूरत रेलवे स्टेशन पर कुछ बच्चों के साथ उन्होंने फोटो खिंचवाई और लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति उनकी हर फिल्म नहीं देखता, लेकिन कभी न कभी कोई फिल्म देखता है और उस छोटे से पल को याद करता है जब वह उनसे मिला था। उन्होंने कहा कि यही छोटा सा अनुभव किसी प्रशंसक के साथ जीवनभर का जुड़ाव बना देता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर किसी के साथ फोटो लेना संभव नहीं होता, क्योंकि समय सीमित होता है। ऐसे में कभी-कभी कुछ लोग नाराज भी हो जाते हैं, जो कलाकार के लिए भी कठिन स्थिति होती है।
बिज़नेस और उद्यमिता पर अपनी सोच साझा करते हुए अर्जुन कपूर ने कहा कि कलाकारों को पैसा कमाना तो आता है, लेकिन उसे सही तरीके से मैनेज करना सीखना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वह अभी सीखने के चरण में हैं और भविष्य में ऐसे बिज़नेस इकोसिस्टम का हिस्सा बनना चाहते हैं, जहां सही साझेदार, संसाधन और विज़न के साथ नए अवसरों पर काम किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि दुबई में कुछ प्रोजेक्ट्स में उनकी साझेदारी है, लेकिन उनका मुख्य फोकस भारत में ही नए व्यवसायिक अवसरों को समझना और विकसित करना है।
वहीं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने अपने संबोधन में जल संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरों में रहने वाले लोग रोज़ औसतन 135 लीटर पानी प्रति व्यक्ति उपयोग करते हैं और एक परिवार सालभर में डेढ़ से दो लाख लीटर तक पानी इस्तेमाल कर देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आज ही सारा पानी उपयोग कर लिया जाएगा तो आने वाली पीढ़ियों के लिए क्या बचेगा। उन्होंने बताया कि देश में हर साल करीब 4000 एमसीएम वर्षा होती है, जबकि हमारी जरूरत लगभग 1120 एमसीएम है। इसके बावजूद जल संरक्षण क्षमता केवल 750 एमसीएम है, जिसके कारण भूजल का अधिक दोहन करना पड़ता है और पानी का स्तर नीचे जा रहा है।
पाटिल ने उद्योगपतियों और उद्यमियों से अपील की कि वे अपने घर, ऑफिस या फैक्ट्री में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था जरूर करें। उन्होंने कहा कि कम खर्च में यह व्यवस्था बनाई जा सकती है और इससे जमीन के नीचे पानी का स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
फोरम के दौरान विभिन्न उद्योगों के प्रमुख वक्ताओं ने नेतृत्व, रणनीति और भविष्य की उद्यमिता से जुड़े विषयों पर चर्चा की। कॉर्पोरेट कनेक्शन्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर गौरव वी.के. सिंहवी और यश वसंत ने कहा कि यह मंच केवल नेटवर्किंग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उद्यमियों के बीच भरोसे और सहयोग को मजबूत करने का माध्यम है।
सूरत क्षेत्र में कॉर्पोरेट कनेक्शन्स के 120 से अधिक उद्यमी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और यह मंच नए विचारों, साझेदारियों और व्यवसायिक अवसरों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
नोट: यह प्रमोशनल कंटेंट है।
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