चुनाव से पहले बिहार में जानें क्यों विपक्षी दलों में मची है खलबली

Published : Jun 09, 2020, 11:41 AM IST
चुनाव से पहले बिहार में जानें क्यों विपक्षी दलों में मची है खलबली

सार

राज्य में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह  वर्चुअल रैली की रैली ने विपक्षी खमें में हलचल मचा दी है। अमित शाह ने अपनी रैली  से साफ कर दिया है कि राज्य में विधानसभा चुनाव जनता दल यूनाइटेड के मुखिया और बिहार से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में ही लड़े जाएंगे। लिहाजा एनडीए के दलों ने एकजुट होकर चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।

नई दिल्ली। इस साल अंत तक बिहार में  विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में चुनाव के लिए अभी तक सियासी सरगरमियां शुरू हो गई हैं। लेकिन राज्य में विपक्ष दल एक जुट नहीं पाए हैं और उनमें खलबली मची हुई है। राज्य में राष्ट्रीय जनता दल विपक्षी दलों पर तेजस्वी यादव  को राज्य में सीएम के तौर पर विपक्ष का चेहरा बनाने के लिए दबाव बना रहा है। वहीं लोकसभा चुनाव में राजद के साथ चुनाव लड़े सियासी दलों को ये मंजूर नहीं हैं। 


राज्य में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह  वर्चुअल रैली की रैली ने विपक्षी खमें में हलचल मचा दी है। अमित शाह ने अपनी रैली  से साफ कर दिया है कि राज्य में विधानसभा चुनाव जनता दल यूनाइटेड के मुखिया और बिहार से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में ही लड़े जाएंगे। लिहाजा एनडीए के दलों ने एकजुट होकर चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि पिछले सप्ताह लोकजनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने सीएम के पद को लेकर बयान दिया था।

 जिसके बाद भाजपा ने चिराग पासवान को झिड़की दी है और साफ कह दिया है कि राज्य में सीएम का चेहरा नीतीश कुमार कुमार ही होंगे और वह बेजा बयान ने दें। हालांकि पिछले कुछ समय से राज्य के भाजपा के नेताओं ने नीतीश सरकार के खिलाफ बयान नहीं दे रहे हैं। क्योंकि भाजपा  आलाकमान  ने साफ कर दिया है कि राज्य में नीतीश कुमार के खिलाफ नेता बयान न दें।


फिलहाल राज्य में राजद और कांग्रेस भी चुनाव के लिए सक्रिय हो गई है।  राज्य  में भी तक विपक्षी दलों के बीच सीएम के चेहरे को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है और न ही विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन बना है। पिछले दिनों ही हिंदुस्तानी आवाम पार्टी यानी हम के नेता जीतन राम मांझी ने कहा था कि राज्य में महागठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए बना था और चुनाव खत्म होने के बाद राज्य में उसका क्या औचित्य है। वहीं मांझी राजद नेता  तेजस्वी यादव को राज्य में  सीएम का चेहरा उतारे जाने के साफ खिलाफ हैं।

हालांकि  कांग्रेस को इस पर कोई आपत्ति नहीं है। फिलहाल राज्य में महागठबंधन के छोटे दलों ने कांग्रेस से राज्य में स्थिति साफ करने को कहा है। वहीं कांग्रेस ने  20 जून के बाद राज्य में महागठबंधन के घटक दलों की बैठक बुलाने पर सहमति दी है। इन छोटे दलों का कहना है इस बार राज्य में सीएम का चेहरा कांग्रेस का होना चाहिए वहीं राजद पहले ही तेजस्वी यादव को पार्टी का चेहरा बताकर प्रोजेक्ट कर चुकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बार कांग्रेस राज्य में 243 विधानसभा सीटों में 100 सीटों दावा करने की रणनीति पर काम कर रही है।

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