
चीन और पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाते हुए भारत ने इजरायल से 54 किलर हारोप(HAROP) ड्रोन मंगाने का फैसला किया है।यह ड्रोन दुश्मन देश के संवेदनशील सैन्य ठिकानों को नष्ट करने में पूरी तरह सक्षम है।
हारोप(HAROP) एक तरह के आत्मघाती ड्रोन हैं, जो कि दुश्मन के ठिकानों पर जाकर ध्वस्त हो जाते हैं और उन्हें तबाह कर देते हैं। इन्हें चीन और पाकिस्तान से लगी हमारे देश की सीमाओं पर तैनात किया जाएगा।
लेकिन विस्फोट होने से पहले इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर से लैस यह ड्रोन दुश्मन देश के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और रडार स्टेशनों की पूरी निगरानी भी करते हैं।
हारोप(HAROP) की खरीद को मंजूरी देने से पहले इस मुद्दे पर एक हफ्ते तक उच्च स्तरीय बैठक की गई, जिसके बाद 54 हमलावर ड्रोन खरीदने पर सहमति बनी।
फिलहाल वायुसेना के पास ऐसे करीब 110 ड्रोन हैं, जिनका नाम बदलकर पी-4 रखा गया है।
इसके साथ ही इजरायल के साथ प्रोजेक्ट चीता पर भी बात चल रही है। इसके तहत सीनों सेवाओं के सभी ड्रोन को हाई क्वालिटी अटैक ड्रोन में बदला जाएगा। इसके साथ ही उनकी सर्विलांस क्षमताओं को भी बढ़ाया जाएगा।
भारत की तीनों सेनाओं के पास 100 से अधिक ड्रोन विमानों की फ्लीट है, जिसे कई सालों की चरणबद्ध डील के तहत हासिल किया गया है।
हालांकि अब सैन्य बलों के लिए देसी कॉम्बेट ड्रोन को विकसित करने की कोशिश भी की जा रही है।
हारोप(HAROP) की क्षमताओं का प्रदर्शन आने वाले समय में वायुसेना के अभ्यास ‘वायुशक्ति’ के दौरान देखने को मिल सकता है। जहां दुश्मन के नकली रडार पर हमला करके इसकी ताकत परखी जाएगी।
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