
मध्यप्रदेश में पहले की शिवराज सरकार ने जुलाई 2018 में 18 करोड़ रुपये खर्च करके संबल योजना के तहत स्मार्ट कार्ड जारी किये थे। इसे 1.80 करोड़ मजदूरों के बीच बंटवाने की योजना थी।
सम्बल योजना के तहत श्रम विभाग ने सभी जिलों में कामकाजी और असंगठित मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया था। प्रत्येक मजदूर से कार्ड के लिए 10 रुपए की राशि ली गई थी।
6 अक्टूबर को आचार संहिता लग जाने से कार्ड बांटने पर रोक लग गई थी।
लेकिन अब इस स्मार्ट कार्ड को वापस लेने के लिए श्रम विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ पत्र लिख भेजा है।
हालांकि इस कार्ड की वैधता पांच साल के लिए थी। लेकिन कमलनाथ सरकार इसे पहले ही वापस ले रही है।
अब कांग्रेस सरकार नए कार्ड छपवाकर बंटवाएगी। पुराने कार्ड पर शिवराज सिंह चौहान की फोटो होना ही इसे वापस लेने की असली वजह बताई जा रही है।
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