मध्य प्रदेश में अगले हफ्ते हो सकता है शिवराज सरकार का कैबिनेट विस्तार, विधानसभा उपचुनाव पर नजर

Published : Jun 28, 2020, 02:30 PM IST
मध्य प्रदेश में अगले हफ्ते हो सकता है शिवराज सरकार का कैबिनेट विस्तार, विधानसभा उपचुनाव पर नजर

सार

बताया जा रहा है कि कैबिनेट में राज्य भाजपा के सभी धड़ों से नेताओं को जगह मिल सकती है। वहीं हाल ही में कांग्रेस से आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। ताकि कांग्रेस से आए नेताओं को खुश किया जा सके और उपचुनाव में पार्टी को इसका फायदा मिले।

भोपाल। राज्य में विधानसभा की 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार सोमवार को को मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है। इस विस्तार में भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुट के नौ और पार्टी के अन्य नेताओं को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक केन्द्रीय  आलाकमान से संभावित नामों पर मुहर लग रही है। इस विस्तार जरिए शिवराज सिंह राज्य के सभी गुटों को खुश करने की कोशिश कर सकते हैं।

बताया जा रहा है कि कैबिनेट में राज्य भाजपा के सभी धड़ों से नेताओं को जगह मिल सकती है। वहीं हाल ही में कांग्रेस से आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। ताकि कांग्रेस से आए नेताओं को खुश किया जा सके और उपचुनाव में पार्टी को इसका फायदा मिले। बताया जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार में प्रेम सिंह पटेल, चेतन कश्यप, मोहन यादव और अरविंद भदौरिया, गोपाल भार्गव, विजय शाह, गौरीशंकर बिसेन, यशोधरा राजे, राजेंद्र शुक्ला, रामपाल सिंह और भूपेंद्र सिंह ठाकुर,विश्वास सारंग, इंदौर से रमेश मेंदोला और मालिनी गौड़ को शामिल किया जा सकता है।

इसके लिए अंतिम मोहर लगाने के लिए सीएम शिवराज आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से दिल्ली में मुलाकात करेंगे। हालांकि नामों को लेकर सहमति बन गई है। फिलहाल मुख्यमंत्री और पार्टी की ओर से इस बात के लिए संकेत दिए गए हैं कि राज्य में 30 जून को मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। असल में राज्य में कैबिनेट विस्तार मई के आखिर और जून के पहले सप्ताह में संभावित था लेकिन कोरोना संकट और आम राय न बनने के कारण इसमें देरी हो गई है।

लिहाजा अगले महीने होने वाले मानसून सत्र से पहले कैबिनेट विस्तार करना जरूरी है। वैसे भी राज्य में एक मंत्री कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहा है।  लिहाजा दायित्वों को कम करने  के लिए कैबिनेट विस्तार जरूरी है। इसके साथ ही राज्य में होने वाले उपचुनाव के लेकर पार्टी ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।  

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