जाने कौन हैं रविन्द्र नाथ शुक्ला उर्फ रविकिशन

Published : Apr 16, 2019, 10:04 AM IST
जाने कौन हैं रविन्द्र नाथ शुक्ला उर्फ रविकिशन

सार

रवि किशन का असली नाम रविंद्र नाथ शुक्ला है। कभी पेपर बेचकर और कभी वीडियो कैसेट किराए का काम करने वाले रविकिशन को बचपन से ही फिल्मों का शौक था। 

रवि किशन को भोजपुरी फिल्मों का सुपर स्टार माना जाता है। रवि किशन का जन्म मुंबई में सांताक्रूज़ की एक चॉल में हुआ, लेकिन उनके परिवार को एक विवाद के कारण अपने गांव वापस जौनपुर आना पड़ा। 

रवि किशन का असली नाम रविंद्र नाथ शुक्ला है। कभी पेपर बेचकर और कभी वीडियो कैसेट किराए का काम करने वाले रविकिशन को बचपन से ही फिल्मों का शौक था। 

रविकिशन के परिवार का फिल्मों से कोई नाता नहीं था, जिसके कारण उन्हें भी फिल्मों में काम करने के लिए निर्माता निर्देशकों के चक्कर लगाने पड़े।

आइए कुछ बातें जो रविकिशन के बारे में आप भी नहीं जानते हैं।

रविकिशन ने जब अपना घर छोड़ उस वक्त उनकी उम्र 17 साल की थी और मुंबई जाने के लिए उनकी मां ने उन्हें 500 रुपए दिए थे।

वह अपने अभिनय को निखारने के लिए रामलीला में भी अभिनय किया करते थे और वह सीता की भूमिका निभाते थे।

रविकिशन की पही डेब्यू फिल्म “पीताम्बर” थी , जिसके लिए उन्हें 5000 रुपए मिले थे।

उन्होंने सलमान खान की फिल्म “तेरे नाम” में भी अभिनय किया था, जिसमें उन्होंने एक पुजारी की भूमिका निभाई थी।

रविकिशन का एक डायलाग बहुत प्रसिद्ध है। “जिंदगी झंडवा … फिर भी घमंडवा” के लिए जाने जाते हैं।

रविकिशन बीजेपी में आने से पहले कांग्रेस पार्टी में थे और जौनपुर से चुनाव भी लड़ चुके हैं। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

रविकिशन भोजपुरी और हिंदी के साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम कर चुके हैं।

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

CBSE Result 2026: सूरत के व्हाइट लोटस इंटरनेशनल स्कूल का शानदार प्रदर्शन, 10वीं में 100% रिजल्ट और संस्कृत में 100/100 की विशेष उपलब्धि
CBSE Board 10th Result 2026: गौतम क्लासेस का कमाल, 100% रिजल्ट के साथ छात्रों में 20% तक सुधार