शीला बनेंगी दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष या फिर कांग्रेस लागू करेगी ये फार्मूला

Published : Jan 06, 2019, 05:38 PM IST
शीला बनेंगी दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष या फिर कांग्रेस लागू करेगी ये फार्मूला

सार

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के विभिन्न गुटों में अध्यक्ष बनने की कवायद शुरू हो गयी है. माकन ने दो दिन पहले ही प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया था. असल में कुछ दिनों से दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित राज्य की राजनीति में सक्रिय हो रही हैं. लिहाजा उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस राज्य की कमान उन्हें देगी.

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के विभिन्न गुटों में अध्यक्ष बनने की कवायद शुरू हो गयी है. माकन ने दो दिन पहले ही प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया था. असल में कुछ दिनों से दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित राज्य की राजनीति में सक्रिय हो रही हैं. लिहाजा उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस राज्य की कमान उन्हें देगी. लेकिन शीला को कमान देने के बाद बगावत होनी तय है. लिहाजा कांग्रेस राज्य में एक प्रदेश अध्यक्ष के साथ तीन कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर गुटबाजी थामने का कोशिश कर सकती है.

अजय माकन के इस्तीफा देने के बाद ये तय हो गया कि किसी नए अनुभवी नेता को ही दिल्ली कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा. ये भी तय है कि जिसे कांग्रेस आलाकमान का आर्शीवाद मिलेगा उसे ही दिल्ली की कमान सौंपी जाएगी. ऐसे में सबसे पहले शीला दीक्षित का नाम सामने आता है. शीला ने राज्य में 15 साल तक सरकार चलाई है औ उनकी कांग्रेस आलाकमान से अच्छे रिश्ते भी हैं. ऐसे में शीला को प्रदेश की कमान सौंपे जाने की पूरी उम्मीद की जा रही है.

हालांकि माकन ने अपनी सेहत का हवाला देकर कांग्रेस अध्यक्ष को इस्तीफा दिया था. लेकिन इसके पीछे शीला के सक्रिय होने को बड़ा कारण बताया जा रहा है. शीला आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ चुनावी गठबंधन करने के पक्ष में है. जबकि माकन आप के धुर विरोधी हैं. चुके थे, लेकिन शुक्रवार को उनका इस्तीफा मंजूर होने के बाद नए अध्यक्ष की तलाश शुरू हो गयी है. इसके लिए नेताओं ने अपनी अपनी लॉबिंग शुरू कर दी है.

राजनैतिक जानकारों का मानना है कि राज्य में नेताओं के बीच बगावत रोकने के लिए एक अध्यक्ष और तीन या चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर जातीय समीकरणों को साधा जा सकता है. क्योंकि दिल्ली में कई जाति वर्ग के लोग काफी प्रभावशाली हैं. जैसे पंजाब, भोजपुरी और जाट. लिहाजा जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इन वर्गों से नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है. 

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

Pride of Gujarat Award 2026: Ajay's Café ने जीता 'लीडिंग कैफे चेन ऑफ द ईयर' अवॉर्ड, CM भूपेंद्र पटेल ने दिया सम्मान
Parkside Premier league 2.0: सूरत इको पार्कसाइड में क्रिकेट का महाकुंभ, महिलाओं की एंट्री बनी सबसे बड़ा आकर्षण