
केन्द्र की मोदी सरकार ने सेना की महिला अफसरों को खुशी की सौगात दी है। रक्षा मंत्रालय ने अब फैसला किया है कि सेना में महिलाओं को दस ब्रांच मे स्थायी कमीशन दिया जाएगा। इसका अर्थ साफ है कि अब रिटायरमेंट की उम्र तक महिलाएं सेना में काम कर सकेंगी। यही नहीं महिलाएं अपनी मर्जी के अनुसार या फिर रिटायरमेंट की उम्र खत्म होने पर नौकरी छोड़ सकेंगी।
असल में महिलाओं को सेना में स्थायी कमीशन दिए जाने की मांग काफी अरसे से चल रही थी। लेकिन अब केन्द्र सरकार ने इस पर फैसला कर लिया है। पिछले दिनों इंफेंट्री में भी महिलाओं को कमीशन देने की बात हुई थी। लेकिन थलसेना अध्यक्ष ने इसे पूरी तरह के खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि युद्ध के वक्त कई पहलूओं को ध्यान में रखना होता है। अब रक्षा मंत्रालय ने महिला अधिकारियों को भारतीय सेना की दस ब्रांच में स्थायी कमीशन दिया जाने का फैसला किया है।
हालांकि अभी तक महिला अफसरों को महज दो शाखाओं न्यायाधीश एडवोकेट जनरल और सेना शिक्षा कोर मे ही स्थायी कमीशन दिया जाता था। सरकार के इस फैसले के बाद महिला अफसर रिटायरमेंट की उम्र तक काम कर सकेंगी। यही नहीं अब महिलाएं अफसरों को अपनी मर्जी के अनुसार या फिर रिटायरमेंट की उम्र खत्म होने पर नौकरी छोड़ने का अधिकार होगा।
पीएम मोदी ने पिछले साल 15 अगस्त 2018 को लाल किले से महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन दिए जाने की घोषणा की थी। पहले सेना में शार्ट सर्विस कमीशन के जरिए जो अधिकारी भर्ती होते थे, वह केवल 10 साल तक सेवा दे पाते थे, लेकिन सातवें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 14 साल तक कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक तीनों सेनाओं में लगभग साढ़े तीन हजार महिला अफसर काम कर रही हैं।
नए आदेश के मुताबिक अब महिला अफसरों को सिग्नल, इंजीनियर, आर्मी एविएशन, आर्मी एयर डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर, आर्मी सर्विस कॉर्प्स, आर्मी ऑर्डिनेंस कॉर्प्स और इंटेलिजेंस में भी स्थायी कमीशन दिया जाएगा।
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