भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से गदगद फिलीपींस, अब मांगी 9 एंटी-शिप बैटरियां...चीन को चुनौती

Rajkumar Upadhyaya |  
Published : Jan 17, 2025, 08:27 PM IST
भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से गदगद फिलीपींस, अब मांगी 9 एंटी-शिप बैटरियां...चीन को चुनौती

सार

फिलीपींस ने भारत से 9 ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल बैटरियों की मांग की है। यह कदम दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक रुख को संतुलित करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का संकेत है।

नई दिल्ली। फिलीपींस और भारत के बीच रक्षा साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। चीन के साथ जारी तनाव के बीच फिलीपींस, भारत से 9 ब्रह्मोस एंटी-शिप तटीय मिसाइल बैटरियां हासिल करने की योजना बना रहा है। यह इनिशिएटिव भारत की डिफेंस एक्सपोर्ट कैपेसिटी को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।

2015 में हुई थी प्रोजेक्ट की शुरूआत

हालांकि, फिलीपींस की यह मांग भारत से पहले से मिली हुई भूमि-आधारित एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम (ISBASMS) प्रोजेक्ट का विस्तार है। भारत और फिलीपींस के बीच इस परियोजना की शुरुआत 2015 में हुई थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। 2019 में इसे भूमि-आधारित मिसाइल सिस्टम (LBMS) अधिग्रहण परियोजना में परिवर्तित किया गया, जिसे 2021 में मंजूरी मिली। इसके तहत फिलीपींस को भारत से दो मिसाइल बैटरियां प्रस्तावित की गई थीं।

फिलीपींस के साथ हुआ था 37.5 करोड़ डॉलर का सौदा

2022 में फिलीपींस ने भारत के साथ 37.5 करोड़ डॉलर का सौदा किया, जिसके तहत ब्रह्मोस मिसाइलों के साथ लॉन्चर और अन्य उपकरण दिए जाने थे। अप्रैल 2024 में भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप सौंपी, जिसमें टाट्रा 6x6 वाहनों पर लगे मोबाइल लॉन्चर और एक एकीकृत लॉजिस्टिक्स सपोर्ट पैकेज शामिल थे।

फिलीपींस के लिए खास कॉन्फिगरेशन

फिलीपींस की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, प्रति बैटरी दो मिसाइल लॉन्चर का कॉन्फिगरेशन किया गया है, जो भारत में यूज किए जाने वाले तीन लॉन्चर कॉन्फिगरेशन से अलग है। यह बदलाव फिलीपींस के उष्णकटिबंधीय वातावरण को ध्यान में रखते हुए किया गया है। ब्रह्मोस मिसाइलों का यह स्वरूप फिलीपींस को चीन के साथ समुद्री विवादों में एक महत्वपूर्ण सामरिक बढ़त प्रदान करेगा।

भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला पहला देश

फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला पहला देश है। इसके अलावा, वियतनाम, इंडोनेशिया, और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के साथ भी ब्रह्मोस के निर्यात को लेकर चर्चा चल रही है। इससे भारत की रक्षा निर्यात क्षमताओं में तेजी से वृद्धि हो रही है।

चीन को चुनौती

फिलीपींस की यह रणनीतिक पहल चीन के खिलाफ उसकी तैयारियों को मजबूत कर रही है। दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक रुख को देखते हुए ब्रह्मोस मिसाइल फिलीपींस को एक मजबूत रक्षा कवच प्रदान करेगी। यह भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ती सैन्य साझेदारी का प्रमाण है और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने में भी कारगर होगी।

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