क्या भारतीयों को दोहरी नागरिकता की अनुमति है? जानें इसके पीछे के नियम और कानून

Surya Prakash Tripathi |  
Published : Sep 27, 2024, 05:31 PM IST
क्या भारतीयों को दोहरी नागरिकता की अनुमति है? जानें इसके पीछे के नियम और कानून

सार

भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है, लेकिन ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड धारकों को कुछ विशेषाधिकार मिलते हैं। जानें OCI और PIO के बारे में अधिक जानकारी।

Dual Citizenship: भारत में दोहरी नागरिकता का मुद्दा समय-समय पर चर्चा में रहता है। क्या भारतीय नागरिक एक साथ दो देशों की नागरिकता रख सकते हैं? इसका जवाब भारत के नागरिकता अधिनियम, 1955 में स्पष्ट रूप से दिया गया है। भारत का संविधान किसी भी भारतीय नागरिक को एक साथ भारतीय और विदेशी नागरिकता रखने की अनुमति नहीं देता है। हालाँकि, विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोगों के लिए भारत सरकार ने ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) का विकल्प उपलब्ध कराया है।

दोहरी नागरिकता के क्या हैं लाभ?
दोहरी नागरिकता होने पर व्यक्ति को दोनों देशों के अधिकार और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं। जैसे कि दोनों देशों में स्वतंत्र रूप से रहने, काम करने और यात्रा करने की अनुमति और सामाजिक सेवाओं तक पहुंच। इसके तहत व्यक्ति उस देश में उपलब्ध विभिन्न लाभों का लाभ उठा सकता है। जिनमें से मुख्य हैं शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सुरक्षा। दोहरी नागरिकता होने से व्यक्ति के पास कई पासपोर्ट हो सकते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा करना और भी सुविधाजनक हो जाता है। कोई व्यक्ति जन्म, विवाह और नेटुलाइज़ेशन जैसे कई तरीकों से दोहरी नागरिकता प्राप्त कर सकता है। हालांकि, दोहरी नागरिकता के साथ कुछ जिम्मेदारियां भी पूरी करनी होती हैं। जैसे दोनों देशों में टैक्स देना और हर देश के कानून का पालन करना।

क्या है OCI?
ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) को अक्सर दोहरी नागरिकता के बराबर माना जाता है, लेकिन यह पूर्ण नागरिकता अधिकार प्रदान नहीं करता। इसका उद्देश्य भारतीय मूल के लोगों को विदेश में रहते हुए भी भारत से जुड़े रहने का अवसर प्रदान करना है। OCI कार्डधारकों को आजीवन वीज़ा, देश में असीमित प्रवेश, संपत्ति खरीदने और कुछ अन्य विशेषाधिकार दिए जाते हैं। हालांकि, उन्हें चुनावों में मतदान का अधिकार नहीं होता।

PIO और OCI में अंतर
PIO (भारतीय मूल का व्यक्ति) एक ऐसा व्यक्ति होता है, जिसके पूर्वज भारतीय नागरिक थे, लेकिन वर्तमान में उसके पास किसी अन्य देश की नागरिकता है। PIO कार्डधारक को भारत में सीमित अधिकार प्राप्त होते हैं, जबकि OCI कार्डधारक को अधिक विशेषाधिकार मिलते हैं। वर्ष 2015 में PIO और OCI को मिलाकर एक ही कार्ड बना दिया गया, जिससे भारतीय मूल के लोगों को भारत से जुड़े रहने का आसान तरीका मिला।

किन देशों में मिलती है दोहरी नागरिकता?
कई देशों में भारतीय नागरिकों को दोहरी नागरिकता रखने का अवसर मिलता है। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, स्वीडन, अमेरिका जैसे देशों में भारतीय नागरिक अपनी नई नागरिकता के साथ-साथ OCI कार्ड के माध्यम से भारत से अपना संबंध बनाए रख सकते हैं। यह उन्हें दो देशों के विशेषाधिकारों का लाभ उठाने की अनुमति देता है।

भारत में दोहरी नागरिकता (OCI) के लिए पात्रता की शर्तें

  • 1. वे व्यक्ति जो 7 साल से अधिक समय से भारत में रह रहे हैं।
  • 2. वे लोग जो भारतीय नागरिकों से विवाहित हैं।
  • 3. वे व्यक्ति जिनके माता-पिता के पास भारतीय नागरिकता है, आवेदक कम से कम एक वर्ष से भारत में रह रहा है।
  • 4. वे व्यक्ति जो कम से कम 5 वर्षों से ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) के रूप में रजिस्टर्ड हैं।

भारत के लोग कैसे ले सकते हैं दोहरी नागरिकता?
हालांकि भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है, लेकिन OCI कार्ड ने विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोगों को भारत के साथ जुड़े रहने का एक खास तरीका प्रदान किया है। इससे उन्हें भारत आने-जाने और व्यापारिक गतिविधियों में भाग लेने की सुविधा मिलती है। हालांकि, उन्हें भारत में चुनावी अधिकार और सरकारी पद प्राप्त करने का अधिकार नहीं होता।


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