हेल्थ डेस्क। स्मोकिंग या तंबाकू का सेवन करना शरीर के लिए जानलेवा होता है। सिगरेट के पैकेट से लेकर सिनेमा हॉल के मुकेश तक, स्मोकिंग के लिए सभी चेतावनी देते हुए नज़र आते हैं। फिर भी साल दर साल स्मोकिंग करने वालो की संख्या बढ़ती जा रही है। पान की दुकान में भीड़ हो या फिर पब्लिक प्लेस, जहां देखों वहां लोग धुंआ उड़ाते आसानी ने नज़र आ जाते हैं। विश्व तंबाकू निषेध दिवस (Anti Tobacco day 2024) के मौके में जानिए आखिर क्यों लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं।

स्मोकिंग सिर्फ नशा नहीं अब है स्टेटस की पहचान

टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में डॉ. प्रदीप बजाड़ बताते हैं कि अब स्मोकिंग सिर्फ नशा नहीं बल्कि ग्लैमर की निशानी और फैशनेबल दिखने का माध्यम हो गया है। यही वजह है कि 15 साल तक की उम्र में ही किशोर स्मोकिंग या तंबाकू की ओर आकर्षित हो रहे हैं। महिलाओं में ई सिगरेट और फ्लेवर्ड सिगरेट का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लोगों को लगता है कि ई सिगरेट सुरक्षित है। जबकि सच्चाई ये है कि तंबाकू किसी भी हाल में स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं होती है। 

स्मोकिंग की लत लगने के प्रमुख कारण

ग्लोबल यूथ टबैको सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 13 से 15 साल वाले 10 किशोरों में 1 किशोर तंबाकू का सेवन कर रहा है। इसके पीछे कारण सामाजिक या फिर कल्चरल नॉर्म्स है। स्मोकिंग के बढ़ते नंबर्स के पीछे निम्न कारण भी शामिल हैं।

  • जिन बच्चों के माता-पिता स्मोकिंग करते हैं, वो बच्चे कम उम्र में ही धूम्रपान शुरू कर देते हैं।
  • दोस्तों के दबाव देने पर भी कम उम्र के लोग स्मोकिंग की शुरुआत कर देते हैं। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें अस्वीकृति का डर रहता है।
  • कई बार पेरेंट्स बच्चों से सिगरेट मंगवाते हैं। बच्चों को लगता है कि ये अच्छी चीज है और कुछ समय बाद वो भी इस खराब आदत के लती हो जाते हैं।
  • एक बार सिगरेट पीने में निकोटिन की लत लग जाती है जो लोगों को पसंद आती है।

 

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