नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर जल्द ही मेंट्रो की सौगात मिल सकती है। इसके लिए 2020 में श्रीनगर में मेट्रो का काम शुरू होगा और महज चार साल में यानी 2024 में घाटी क लोगों को इसमें सफर करने का मौका मिल सकता है। श्रीनगर में मेट्रो प्रोजेक्ट पूरी तरह से एलिवेटेड होगा जिसमें टोकन और स्मार्ट कार्ड का प्रयोग किया जाएगा। हालांकि यहां पर कम डिब्बे वाली मेट्रो चलाई जाएगी। दिल्ली की तरह यहां पर छह या आठ नहीं बल्कि 3 डिब्बों वाली मेट्रो चलाई जाएगी।

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद केन्द्र सरकार कश्मीर के विकास के एजेंडे पर तेजी से काम कर रही है। घाटी के लोगों को 2024 में मेट्रो में सफर करने का मौका मिल सकता है। इससे घाटी के लोगों की जिंदगी और आसान हो जाएगी।

केन्द्र सरकार अब श्रीनगर में दिल्ली और मुंबई की तरह श्रीनगर में भी मैट्रो चलाने की योजना बना रही है और इसके लिए 2020 में काम शुरू हो जाएगा और अगले साल से इसके प्रोजेक्ट में काम शुरू हो जाएगा। घाटी के लोगों को महज दो साल में मेट्रो की सौगात मिल जाएगा। जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट को भी मेट्रो मैन ई श्रीधरन श्रीनगर मेट्रो प्रोजेक्ट के हेड होंगे। 

केन्द्र सरकार इस प्रोजेक्ट को चार साल में पूरा करेगा और दो चरणों में शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट में 5 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस मेट्रो का रूट 25 किलोमीटर लंबा होगा और इसे दो चरणों में पूरा कर लिया जाएगा। इसमें 24 स्टेशन होंगे यानी हर एक किलोमीटर के बाद लोगों की आवाजाही के लिए स्टेशन बनाए जाएंगे। 

श्रीनगर का यह मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा एलिवेटेड होगा जिसमें टोकन और स्मार्ट कार्ड का प्रयोग किया जाएगा। एक डिब्बे में लगभग 250 लोग एकसाथ यात्रा कर पाएंगे। यानी एक मेट्रो ट्रेन में 750 लोग एक साथ यात्रा कर सकते हैं। इस मेट्रो में तीन डिब्बे होंगे।