ईश्वर  

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  • बाबा नीम करौरी की मौनी शिष्या

    Spirituality17, Sep 2019, 8:46 AM IST

    गुरु ने दिया 'बहुत बोलने' का ताना, जीवन भर के लिए मौन हो गई शिष्या

    बाबा नीम करौरी का नाम आज दुनिया भर में जाना जाता है। क्योंकि उनके शिष्यों में एप्पल कंपनी के स्टीव जॉब्स और फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग जैसे प्रसिद्ध नाम शामिल हैं। लेकिन बाबा नीम करौरी के कई अत्यंत समर्पित शिष्य थे। जिनके लिए गुरु का वचन ईश्वर का आदेश था। इसमें से एक थीं मौनी माई। जिन्हें एक बार बाबा ने ताना दिया कि 'तुम बहुत बोलती हो'। जिसके बाद मां ने जीवन भर के लिए मौन धारण कर लिया। आज भी उनकी समाधि पर सबकी मनोकामना पूरी होती है।  
     

  • False and deceitful religious teacher Ram Rahim used to take advantage of the devotion of devotees wrongly

    News16, Sep 2019, 11:30 PM IST

    राम रहीम को मिली अध्यात्म को बाजार बनाने की सजा, सलाखों में कट रही है जिंदगी

    राम रहीम डेरा सच्चा सौदा में तब आया था, जब उसकी उम्र केवल सात वर्ष की थी। बाद में वह तत्कालीन डेरा प्रमुख शाह सतनाम के हाथ से गद्दी हासिल करने में सफल रहा। उसने दावा किया कि शाह सतनाम ने उसे "स्वेच्छा से" गद्दी सौंपी थी। लेकिन ऐसा अफवाहें है कि गद्दी हासिल करने के लिए उसनेबंदूक का सहारा लिया था।
    बाद में राम रहीम पर हत्या, अपहरण, बलात्कार जैसे कई संगीन आरोप लगे। 

  • Nation16, Sep 2019, 11:24 PM IST

    श्रद्धालुओं के भरोसे का गलत फायदा उठाता राम रहीम, पहुंच गया अंजाम तक

    सोशल मीडिया अकाउंट पर दिए गए गुरमीत राम रहीम के परिचय के मुताबिक उसे "आध्यात्मिक संत / परोपकारी / बहुमुखी गायक / ऑलराउंडर स्पोर्ट्सपर्सन / फिल्म निर्देशक / अभिनेता / कला निर्देशक / संगीत निर्देशक / लेखक / गीतकार / आत्मकथा लेखक के रुप में बताया जाता है। यहां तक कि उसने खुद को ईश्वर का दूत(मैसेंजर ऑफ गॉड) भी बताना शुरु कर दिया था। लेकिन सच यह है कि वह एक ऐसे साम्राज्य का मालिक था जहां उसके आदेश पर हत्या, बंध्याकरण और बलात्कार किये जाते थे।

  • How can some historians destroy India's glorious past so easily

    Spirituality11, Sep 2019, 7:40 AM IST

    प्राचीन भारत के गौरव को चंद वामपंथी इतिहासकार कैसे मिटा सकते हैं?

    भारत का इतिहास हजारों वर्षों से गौरवपूर्ण रहा है। यह मात्र किस्से कहानियों तक सीमित नहीं है। बल्कि हमारे मंदिरों और ग्रंथों के रुप में इसके जीवंत उदाहरण मौजूद हैं। हालांकि इसे नष्ट करने की कई बार कोशिश की गई। जिसमें असफलता प्राप्त होने के बाद वामपंथी इतिहासकारों ने बौद्धिक कुचक्र चलाया। लेकिन ईश्वर की कृपा से अपने प्राचीन ज्ञान विज्ञान के सहारे भारत अब जग रहा है।   
     

  • sridhar reddy MLA nellor rural

    News13, Jun 2019, 3:36 PM IST

    विधायक ने बनाया मुख्यमंत्री को भगवान

    राजनीति में चापलूसी शायद अनिवार्य शर्त होती जा रही है। अपने आकाओं के सामने वफादारी साबित करने के लिए राजनेता कुछ भी कर सकते हैं। कुछ ऐसा दिखा आंध्र प्रदेश में। जहां एक नवनिर्वाचित विधायक ने मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी को भगवान बना दिया। 

  • Narendra Modi

    News6, Jun 2019, 5:26 PM IST

    तिरुपति जाकर पीएम मोदी ईश्वर की आराधना के साथ दक्षिण की जनता को भी लुभाएंगे

    दो दिन बाद यानी 9 जून के पीएम नरेन्द्र मोदी दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तीर्थस्थल तिरुपति की यात्रा कर रहे हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य सिर्फ ईश्वर की आराधना ही नहीं बल्कि दक्षिण की जनता के बीच बीजेपी को स्थान दिलाना भी है। क्योंकि बीजेपी अब दक्षिण में कर्नाटक से आगे पूरे विंध्य क्षेत्र में खुद को मजबूत बनाने की कवायद में जुटी है। 

  • Narendra Modi

    News16, May 2019, 2:06 PM IST

    हम बनवाएंगे ईश्वर चंद्र विद्यासागर की पंचधातु की मूर्ति: पीएम मोदी

    पीएम मोदी ने यूपी के मऊ में एक रैली के दौरान कहा, उनकी सरकार ईश्वरचंद्र विद्यासागर के विजन के लिए समर्पित है। टीएमसी पर विद्यासागर की मूर्ति खंडित करने का आरोप लगाते हुए पीएम ने कहा कि उनकी सरकार बंगाल के महान समाज सुधारक की पंचधातु की एक भव्य मूर्ति की स्थापना करेगी। 

  • News16, May 2019, 5:50 AM IST

    विद्यासागर तो बहाना, अगली 9 सीटें निशाना: 5 सवाल जिनके जवाब देने होंगे ममता सरकार को

    बंगाल में सत्ताधारी टीएमसी का दावा है कि एबीवीपी के समर्थकों ने बंगाल के बड़े समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया। हालांकि टीएमसी अपने दावे के समर्थन में न तो साक्ष्य सामने रख पाई है और न ही एबीवीपी के ऐसा करने की ठोस वजह बता सकी है। 
     

  • News29, Mar 2019, 3:47 PM IST

    इस राज्य में भगवान के कहने पर पहली बार महिला लड़ रही लोकसभा चुनाव

    निर्दलीय  प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रही लालथलामॉनी ने दावा किया है कि उन्हें ईश्वर से संकेत मिला है कि वह आगामी चुनावों में इतिहास लिखने के लिए पहली मिजो महिला बनकर लोकसभा में राज्य की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करें।

  • jesus in yog mudra

    Views25, Dec 2018, 4:30 PM IST

    जीसस क्राइस्ट पर भारत के प्रभाव को नकारता क्यों है चर्च?

    जीसस क्राइस्ट यानी ईसा मसीह का आज जन्मदिन है। एक महान संत और ईश्वरपुत्र के रुप में मानवता को उनकी देन असंदिग्ध है। लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि जीसस मूल रुप से सनातन परंपरा के वाहक थे। उनके मूल विचार आर्य अष्टांगिक मार्ग से मेल खाते हैं। लेकिन इन बातों को जानबूझकर छिपाया गया और उसके मूल विचारों के उपर सेमेटिक(एक पैगंबर,एक किताब) विचारों का मुलम्मा चढ़ा दिया गया। ऐसा जीसस की मौत के रोमन सम्राट कॉन्सटेन्टाइन के जमाने में किया गया। ईसा की मौत के 325 साल बाद नायसिया(वर्तमान तुर्की) में एक परिषद् बुलाई गई, जिसमें जीसस के देवत्व की घोषणा की गई। जिसके बाद रोमन साम्राज्यवाद ने ईसा मसीह के व्यक्तित्व को अपना शासन फैलाने के नैतिक हथियार के रुप में इस्तेमाल करना शुरु कर दिया। प्रेम और दया के प्रतीक ईसा के नाम पर जो खूनी लड़ाईयां हुईं, वह इतिहास में ‘क्रूसेड’ के नाम से आज भी याद की जाती हैं। ऐसा करने के लिए जानबूझ कर जीसस का भारत से संबंध झुठलाया जाने लगा। जानिए जीसस पर भारत के प्रभाव के जुड़े ऐतिहासिक और अहम तथ्य़- 

  • islampur changed to Ishwarpur

    News13, Nov 2018, 4:34 PM IST

    नाम बदलने की हवा पहुंची बंगाल, इस्लामपुर का नाम बदलकर ईश्वरपुर करने की कोशिश

    पश्चिम बंगाल में भी जगहों का नाम बदलने का दौर चल पड़ा है। यहां के इस्लामपुर का नाम ईश्वरपुर रख दिया गया है। 

  • lets become fundamentalist hindu

    Views24, Oct 2018, 7:25 PM IST

    तो चलिए हम सब 'रुढ़िवादी' हिंदू बन जाते हैं

     इस इक्कीसवी सदी में हमारे लिये यह उचित समय है जब हम एक समुदाय को दूसरे समुदाय के विरोध में खड़ा करने वाले हानिकारक, अप्रमाणित रुढ़िवाद का त्याग करें? सब से अच्छा विकल्प है कि हम हिंदू मूलतत्वों का अनुसरण करें। तो चलें, हम सब मनुष्यों में, कुदरत में और पशुओं में भी ईश्वरत्व देखनेवाले रुढ़िवादी हिंदू बनें। इससे संपूर्ण विश्व का लाभ होगा।

  • Can we please be clear about religious extremism?

    Views6, Oct 2018, 6:13 PM IST

    आखिर कब हम मजहबी कट्टपंथ के बारे में अपना नजरिया साफ करेंगे?

    पाकिस्तानी राजनयिक का व्यवहार कुछ इस तरह का है, जैसे पाकिस्तान को ईश्वर की ओर से यह अधिकार मिला है, कि वह अपने नागरिकों पर इस्लाम को थोपे। तो क्या भारत को अपनी सदियों पुरानी परंपरा की वकालत करने का अधिकार नहीं है, जो कि एक व्यक्ति के साथ साथ समाज के लिए भी बेहद लाभदायक साबित हुआ है।