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    News22, Mar 2019, 1:53 PM IST

    इस्लामी आतंकवाद के विरूद्ध श्वेत ईसाइयत आतंकवाद का खतरनाक विचार

    न्यूजीलैण्ड जैसी घटनाओं का विस्तार हो गया तो दुनिया का बड़ा भाग हिंसा-प्रतिहिंसा का शिकार हो जाएगा। हाल के वर्षों में जेहादी आतंकवादियों द्वारा ब्रिटेन, फ्रांस, बेल्जियम, स्वीडन में किए गए हमलों ने उसके अंदर यह विचार पैदा किया कि मुसलमान श्वेतों पर विजय पाने के लक्ष्य से हिंसा कर रहे हैं। कहीं ऐसा न हो कि कटु सच को सार्वजनिक रुप से स्वीकार कर कार्रवाई न करने के कारण एक नए किस्म का क्रूसेड(धर्मयुद्ध) आरंभ हो जाए।

  • God and Allah is not Parbrahm parmeshwar

    Views15, Oct 2018, 4:03 PM IST

    ‘परमब्रह्म परमेश्वर’ से अलग हैं ‘गॉड’ और ‘अल्लाह’

    प्राचीनकाल में जब ईसाईयत और इस्लाम का कोई अस्तित्व नहीं था, तब सर्वोच्च सत्य के बारे में वैदिक धर्म की समझ बहुत ही परिपक्व थी। हिंदू परंपरा में परमसत्य को ब्रह्म के नाम से जाना जाता है। यह सबसे सूक्ष्म, अदृश्य, जागृत जैसे समस्त संसार का आधार है। ऋषियों ने उद्घोषणा की, कि ब्रह्म वह नहीं है जिसे आंखें देखती हैं, बल्कि ब्रह्म वह है जिसकी वजह से आंखें देख पाती हैं। ब्रह्म वह नहीं है जिसे मस्तिष्क सोचता है, बल्कि ब्रह्म वह है जिसकी वजह से मस्तिष्क सोच पाने में सक्षम हो पाता है। यह बात अब्राहमिक धर्मों के भगवान के लिए नहीं कही जा सकती। 

  • Can we please be clear about religious extremism?

    Views6, Oct 2018, 6:13 PM IST

    आखिर कब हम मजहबी कट्टपंथ के बारे में अपना नजरिया साफ करेंगे?

    पाकिस्तानी राजनयिक का व्यवहार कुछ इस तरह का है, जैसे पाकिस्तान को ईश्वर की ओर से यह अधिकार मिला है, कि वह अपने नागरिकों पर इस्लाम को थोपे। तो क्या भारत को अपनी सदियों पुरानी परंपरा की वकालत करने का अधिकार नहीं है, जो कि एक व्यक्ति के साथ साथ समाज के लिए भी बेहद लाभदायक साबित हुआ है। 

  • Who will take care on nuns in Christian missionaries

    Views4, Oct 2018, 4:00 PM IST

    ननों की घुटी घुटी चीखों का जिम्मेदार कौन?

    धार्मिक समानता के शंखनाद ने हिन्दू महिलाओं को अपनी आवाज़ बुलंद करने की पूरी आज़ादी दी है, पर बाकी धर्मो की महिलाओ के साथ आज भी भेदभाव हो रहा है। उनकी आज़ादी के शिगूफे कागज़ों में ही रह गए हैं। महिलाओं के मान और सम्मान की जब बात आती है इन धर्मों की  कथनी और करनी में भारी विभेद नजर आता है। ईसाई धर्म में तो ये भेद भाव सारी हदें तोड़ गया है।