मसीह  

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  • Woman throws newborn baby in canal, but dogs saved her life

    News21, Jul 2019, 7:08 PM IST

    कलयुगी मां ने नवजात बेटी को नाले में फेंका, मसीहा बने कुत्तों ने बचाया

    असल में ये मामला हरियाणा के कैथल के डोगरा गेट के पास का है। जहां पर एक कलयुगी महिला ने एक नवजात बच्ची को जन्म दिया और फिर से वह पॉलीथीन में बंदकर नाले में फेंक दिया। लेकिन ये मां सोच रही होगी की बच्ची मर जाएगी लेकिन ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। वहां पर मौजूद आवारा कुत्ते इस बच्ची को पॉलीथीन समेत नाले से निकालकर ले आए और भौंकने लगे।

  • Human Trafficking

    News28, Dec 2018, 5:49 PM IST

    सीबीआई ने मानव तस्करी के बड़े गैंग का किया पर्दाफाश, मुख्य आरोपी है इमान्युएल मसीह उर्फ काला

    पंजाब से चलाए जा रहे मानव तस्करी के एक बड़े गैंग का खुलासा हुआ है। इस मामले में विदेश मंत्रालय ने शिकायत दर्ज करी थी। जिसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई की। 

  • jesus in yog mudra

    Views25, Dec 2018, 4:30 PM IST

    जीसस क्राइस्ट पर भारत के प्रभाव को नकारता क्यों है चर्च?

    जीसस क्राइस्ट यानी ईसा मसीह का आज जन्मदिन है। एक महान संत और ईश्वरपुत्र के रुप में मानवता को उनकी देन असंदिग्ध है। लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि जीसस मूल रुप से सनातन परंपरा के वाहक थे। उनके मूल विचार आर्य अष्टांगिक मार्ग से मेल खाते हैं। लेकिन इन बातों को जानबूझकर छिपाया गया और उसके मूल विचारों के उपर सेमेटिक(एक पैगंबर,एक किताब) विचारों का मुलम्मा चढ़ा दिया गया। ऐसा जीसस की मौत के रोमन सम्राट कॉन्सटेन्टाइन के जमाने में किया गया। ईसा की मौत के 325 साल बाद नायसिया(वर्तमान तुर्की) में एक परिषद् बुलाई गई, जिसमें जीसस के देवत्व की घोषणा की गई। जिसके बाद रोमन साम्राज्यवाद ने ईसा मसीह के व्यक्तित्व को अपना शासन फैलाने के नैतिक हथियार के रुप में इस्तेमाल करना शुरु कर दिया। प्रेम और दया के प्रतीक ईसा के नाम पर जो खूनी लड़ाईयां हुईं, वह इतिहास में ‘क्रूसेड’ के नाम से आज भी याद की जाती हैं। ऐसा करने के लिए जानबूझ कर जीसस का भारत से संबंध झुठलाया जाने लगा। जानिए जीसस पर भारत के प्रभाव के जुड़े ऐतिहासिक और अहम तथ्य़- 

  • News5, Nov 2018, 4:34 PM IST

    सुरक्षा बलों ने सैकड़ों लोगों को जवाहर टनल से निकाला

    जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बर्फबारी से जहां एक तरफ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं भारी संख्या में यात्री और सुरक्षाकर्मी जम्मू और कश्मीर को जोड़ने वाली जवाहर टनल में फंस गए थे। तेज बर्फबारी और लंबे जाम में फंसे लोगों के लिए सेना के जवान मसीहा बन कर आए। सेना ने सीआरपीएफ जवानों के साथ मिलकर यहां फंसे 200 आम नागरिकों और 500 सुरक्षाबलों को बनिहाल में बने कैंपो में पहुंचाया।