वेटिकन  

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    NationFeb 20, 2020, 3:35 PM IST

    क्या अयोध्या का राम मंदिर तोड़ देगा वेटिकन और मक्का का रिकॉर्ड?

    नमस्कार स्वागत है आपका माय नेशन में, मेरा नाम है अमल चौधरी और आज हम बात करेंगे कि कैसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट राम मंदिर को दुनिया का सबसे बड़ा सनातन धर्म केंद्र बनाने की कोशिशों में लगा हुआ है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 15 दिन बाद होने वाली बैठक में राम मंदिर निर्माण की तारीख पर फैसला लिया जाएगा। यह बैठक एकादशी के दिन होनी है। ट्रस्ट चाहता है कि अयोध्या में राम मंदिर क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़ा सनातन धर्म केंद्र बने। सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के सदस्य चाहते हैं कि राम मंदिर क्षेत्र का विस्तार वेटिकन सिटी और मक्का की मस्जिद से ज्यादा इलाके में किया जाए।

  • jesus in yog mudra

    ViewsDec 25, 2018, 4:30 PM IST

    जीसस क्राइस्ट पर भारत के प्रभाव को नकारता क्यों है चर्च?

    जीसस क्राइस्ट यानी ईसा मसीह का आज जन्मदिन है। एक महान संत और ईश्वरपुत्र के रुप में मानवता को उनकी देन असंदिग्ध है। लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि जीसस मूल रुप से सनातन परंपरा के वाहक थे। उनके मूल विचार आर्य अष्टांगिक मार्ग से मेल खाते हैं। लेकिन इन बातों को जानबूझकर छिपाया गया और उसके मूल विचारों के उपर सेमेटिक(एक पैगंबर,एक किताब) विचारों का मुलम्मा चढ़ा दिया गया। ऐसा जीसस की मौत के रोमन सम्राट कॉन्सटेन्टाइन के जमाने में किया गया। ईसा की मौत के 325 साल बाद नायसिया(वर्तमान तुर्की) में एक परिषद् बुलाई गई, जिसमें जीसस के देवत्व की घोषणा की गई। जिसके बाद रोमन साम्राज्यवाद ने ईसा मसीह के व्यक्तित्व को अपना शासन फैलाने के नैतिक हथियार के रुप में इस्तेमाल करना शुरु कर दिया। प्रेम और दया के प्रतीक ईसा के नाम पर जो खूनी लड़ाईयां हुईं, वह इतिहास में ‘क्रूसेड’ के नाम से आज भी याद की जाती हैं। ऐसा करने के लिए जानबूझ कर जीसस का भारत से संबंध झुठलाया जाने लगा। जानिए जीसस पर भारत के प्रभाव के जुड़े ऐतिहासिक और अहम तथ्य़- 

  • Who will take care on nuns in Christian missionaries

    ViewsOct 4, 2018, 4:00 PM IST

    ननों की घुटी घुटी चीखों का जिम्मेदार कौन?

    धार्मिक समानता के शंखनाद ने हिन्दू महिलाओं को अपनी आवाज़ बुलंद करने की पूरी आज़ादी दी है, पर बाकी धर्मो की महिलाओ के साथ आज भी भेदभाव हो रहा है। उनकी आज़ादी के शिगूफे कागज़ों में ही रह गए हैं। महिलाओं के मान और सम्मान की जब बात आती है इन धर्मों की  कथनी और करनी में भारी विभेद नजर आता है। ईसाई धर्म में तो ये भेद भाव सारी हदें तोड़ गया है। 
     

  • kerla

    NewsSep 11, 2018, 6:11 PM IST

    केरल की रेप पीड़िता ने वेटिकन में दर्ज कराई शिकायत

    उधर बिशप के खिलाफ केरल के कोच्चि में ईसाई ननें सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रही हैं। यह सभी जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं।