वेद  

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  • five elements

    Spirituality10, Sep 2019, 9:03 AM IST

    वेदों में वर्णित पांच तत्वों के अलावा छठा तत्व विज्ञान भी नहीं तलाश पाया

    प्राचीन भारतीय वेदों के पूरी तरह विज्ञान आधारित होने का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि जिन पांच तत्वों की बात वेदों में की गई है। उनके अलावा कोई भी छठा तत्व अभी तक आधुनिक विज्ञान तलाश नहीं पाया है। वेदों में समस्त ज्ञान इसलिए समाहित है क्योंकि यह भारतीयों के लाखों सालों के शोध और प्राकृतिक अनुभवों का निचोड़ है, जिसमें समस्त ज्ञान विज्ञान का निवास है। 
     

  • knowledge system in ancient india

    Spirituality4, Sep 2019, 9:05 AM IST

    फिर से अंगड़ाई लेकर जग रहा है हमारा प्राचीन ज्ञान विज्ञान

    लगभग 1200 सालों की गुलामी ने भारत के ज्ञान विज्ञान को सुप्त कर दिया। अविवेकी, विलासी और लालची विदेशी शासकों ने एक साजिश के तहत भारतीयों के ज्ञान विज्ञान को पतित करने का हर संभव प्रयास किया। लेकिन ज्ञान को दबाना किसी तरह भी संभव नहीं है। आज स्वतंत्र भारत प्रतिदिन ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में प्रतिदिन नए प्रतिमान गढ़ रहा है। मंगलयान, चंद्रयान, मिसाइल तकनीक जैसी अनंत उपलब्धियां हासिल की हैं। यह केवल भारतीयों के लिए ही संभव है, क्योंकि हमारे वेदों और शास्त्रों में अनंत ज्ञान उपलब्ध है, जो भारतीयों के डीएनए में शामिल है। 
     

  • Music is created by lord shiva himself that is identity of india

    Spirituality31, Aug 2019, 7:53 AM IST

    स्वयं भगवान शिव से उत्पन्न है भारतीय जीवन का आधार 'संगीत'

    संगीत से भारत का बहुत बड़ा नाता है। भारतीय शास्त्रीय संगीत पूरे विश्व की अद्भुत कला विरासत है। संगीत का हमारे जीवन से इतना लगाव इसलिए है क्योंकि ध्वनियों के संयोजन की पद्धति सबसे पहले भारत में निकाली गई यानी उसका व्याकरण रचा गया। सुर बनाए गए और उन्हें ताल देने के लिए वाद्य तैयार किए गए। संगीत की उत्पत्ति महादेव से मानी जाती है। 
     

  • Spirituality30, Aug 2019, 8:48 AM IST

    संस्कृत है दुनिया की पहली भाषा और सनातन धर्म से है सभी संस्कृतियों की शुरुआत

    कुछ लोग सनातन संस्कृति की शुरुआत को सिंधु घाटी की सभ्यता से जोड़कर देखते हैं। जो गलत है। वास्तव में संस्कृत और कई प्राचीन भाषाओं के इतिहास के तथ्यों के अनुसार प्राचीन भारत में सनातन धर्म के इतिहास की शुरुआत ईसा से लगभग 13 हजार पूर्व हुई थी अर्थात आज से 15 हजार वर्ष पूर्व। इस पर विज्ञान ने भी शोध किया और वह भी इसे सच मानता है।
     

  • Views13, Mar 2019, 7:00 PM IST

    गौधन सिर्फ दूध ही नहीं पर्यावरण सुरक्षा के लिए भी बेहद जरुरी

    दक्षिणी रोडेसिआ में गत 1960 में वन और पर्यावरण में कार्य कर रहे  वैज्ञानिकों ने जब विश्व के बदलते पर्यावरण के कारण  वहां के हरे भरे  वनीय क्षेत्र की हरियाली समाप्त होते देखी   तो सब का यह विचार था कि शाकाहारी पशु हाथी, गौ इत्यादि वनों की हरियाली खा कर समाप्त कर देते हैं|  उस वन में हाथी बड़ी संख्या में थे|  निर्णय हुआ कि सब हाथियों  का वध कर दिया जाए| 
     इस अभियान में उस दशक में 40,000 से अधिक हाथी मारे गए  जो आर्थिक व्यापार की दृष्टि से भी बड़ा लाभदायक रहा | परंतु हाथियों के मारे जाने के बाद बड़ा आश्चर्य हुआ कि जो रही सही हरियाली बची थी वह भी समाप्त हो गई | 

  • sterlite verdict

    News18, Feb 2019, 7:30 PM IST

    वेदांता को नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, फैक्ट्री के लिए मिली एनजीटी की अनुमति पर लगाई रोक

    सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु के स्टरलाइट कंपनी के मामले में वेदांता को राहत देने से इनकार कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने एनजीटी के फैसले पर रोक लगा दिया है। 

  • ram mandiar

    News18, Nov 2018, 4:00 PM IST

    रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष का बड़ा बयान, 2019 से पहले शुरु होगा मंदिर निर्माण

    वेदांती ने कहा कि उन्हे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की घोषणा करेंगे। देश के संतों को विश्वास है कि भाजपा सरकार ही रामलला के मंदिर का निर्माण करेगी, क्योंकि कांग्रेस ने कभी मंदिर निर्माण की बात नहीं कही। 

  • Entertainment22, Oct 2018, 6:21 PM IST

    बेंगलुरु में सनी लियोनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, जलाए गए पोस्टर

    बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री सनी लियोनी का कर्नाटक के बेंगलुरु में विरोध किया गया है। विरोध प्रदर्शन में सनी के पोस्टर्स भी जलाए गए। 

  • God and Allah is not Parbrahm parmeshwar

    Views15, Oct 2018, 4:03 PM IST

    ‘परमब्रह्म परमेश्वर’ से अलग हैं ‘गॉड’ और ‘अल्लाह’

    प्राचीनकाल में जब ईसाईयत और इस्लाम का कोई अस्तित्व नहीं था, तब सर्वोच्च सत्य के बारे में वैदिक धर्म की समझ बहुत ही परिपक्व थी। हिंदू परंपरा में परमसत्य को ब्रह्म के नाम से जाना जाता है। यह सबसे सूक्ष्म, अदृश्य, जागृत जैसे समस्त संसार का आधार है। ऋषियों ने उद्घोषणा की, कि ब्रह्म वह नहीं है जिसे आंखें देखती हैं, बल्कि ब्रह्म वह है जिसकी वजह से आंखें देख पाती हैं। ब्रह्म वह नहीं है जिसे मस्तिष्क सोचता है, बल्कि ब्रह्म वह है जिसकी वजह से मस्तिष्क सोच पाने में सक्षम हो पाता है। यह बात अब्राहमिक धर्मों के भगवान के लिए नहीं कही जा सकती। 

  • Ram mandir

    News5, Oct 2018, 7:41 PM IST

    राम मंदिर पर 6 दिसंबर से पहले अध्यादेश लाने के लिए संत समाज बनाएगा मोदी सरकार पर दबाव

     पिछले दिनों बीजेपी ने अपने सांसदों से उनके क्षेत्रों के बारे मे रिपोर्ट मंगाई थी। जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि सबसे ज्यादा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश की जनता में केन्द्र सरकार के खिलाफ कुछ नाराजगी दिख रही है, जिसके मूल में राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी है। शायद इसी असंतोष को खत्म करने के लिए विश्व हिंदू परिषद् ने दिल्ली में हिंदू हितों और राम मंदिर निर्माण के उद्देश्य से संतों की महासभा बुलाई। 

  • Sanatana Dharma should be well propgated

    Views29, Sep 2018, 4:14 PM IST

    सनातन धर्म का प्रसार अति आवश्यक है।

    केवल हिन्दू अथवा सनातन धर्म ही ऐसा है जो विभाजनकारी तथा साम्प्रदायिक नहीं है। मात्र यही शाश्वत धर्म समस्त सृष्टि को एक कुटुम्ब के रूप में देखता है। यही धर्म बिना किसी निबन्धन के ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत को परिलक्षित करता है।

  • gharwapsi

    News27, Sep 2018, 9:39 AM IST

    पहले धर्मांतरण फिर घर वापसी

    लगभग एक हजार लोगों को धर्मांतरण के जाल से मुक्त कराया गया। गांव में हवन और यज्ञ का आयोजन करवाया गया। फिलहाल तो हालत यह है, कि जिस जगह पर धर्म परिवर्तन का खेल खेला जाता था। उलूल जुलूल हरकतें करके लोगों को बीमारी से मुक्त कराने का दावा किया जाता था। ठीक उसी जगह पर वेदों के मंत्र गूंज रहे हैं, हवन का पवित्र धुआं चारो ओर मंडरा रहा है।

  • Guru Purnima

    Views27, Jul 2018, 10:16 AM IST

    गुरु पूर्णिमा: क्या हमें पूर्वाग्रह ग्रसित मीडिया या स्वार्थी नेताओं को अपना नया गुरु बना लेना चाहिए ?

    गुरु परंपरा, दुनिया को भारत की बड़ी देन है। हिंदू परंपरा में गुरु की अहमियत किताबें पढ़ाने वाले शिक्षक से बहुत ऊपर है, लेकिन आज क्या हम जानते हैं कि हमें कौन दिशानिर्देश दे रहा है?