सुरक्षा परिषद्  

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  • undefined

    World21, Aug 2019, 2:13 PM IST

    चीन की औकात में नहीं है भारत से सीधे संघर्ष में उलझना, ये हैं सात प्रमुख कारण

    कश्मीर मामले पर चीन ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए भारत के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में मामला उठवा दिया। लेकिन भारतीय संसद द्वारा कश्मीर के विभाजन और धारा 370 की समाप्ति पर चीन सीधे तौर पर कुछ भी कहने से अभी तक बचता दिख रहा है। हालांकि इस मुद्दे पर पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। लेकिन चीन पूरे कश्मीर विवाद से सीधे तौर पर खुद को अलग रखने की कोशिश कर रहा है। उसने कुछ छुट पुट बयान जारी तो किए हैं, लेकिन यह बयान भी चीन के किसी बड़े नेता द्वारा जारी नहीं किया गया है। इसकी वजह यह है कि चीन कभी भी भारत से सीधा संघर्ष मोल नहीं ले सकता। आपको याद होगा कि डोकलाम से भी चीन की फौज को बैरंग वापस लौटना पड़ा था। आखिर क्यों चीन भारत से उलझना नहीं चाहता? क्या है उसकी मजबूरी? 
     

  • gafoor and shah qureshi

    World17, Aug 2019, 8:21 PM IST

    शेखी बघारने से बाज नहीं आ रहा है पाकिस्तान, जुटा है अपनी हार को जीत बताने में

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में बुरी तरह मात खाने के बाद भी पाकिस्तान ने सबक नहीं सीखा है। उसने चीन के जरिए बैठक तो करवा दी। लेकिन इसमें शामिल दुनिया के सभी देशों ने कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए दखल देने से इनकार कर दिया। लेकिन पाकिस्तान इस बेइज्जती को भी अपनी जीत करार देने पर तुला हुआ है। 
     

  • Imran Khan in Fear

    World13, Aug 2019, 1:23 PM IST

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् से भी टूट गईं पाकिस्तान की उम्मीदें

    कश्मीर मामले पर पूरी दुनिया में अलग थलग पड़ चुके पाकिस्तान की उम्मीदें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से भी टूट गई हैं। उसके अध्यक्ष पोलैंड ने पाकिस्तान की दलीलों पर ध्यान देने से इनकार करते हुए कश्मीर मुद्दे को द्विपक्षीय बातचीत के जरिए हल करने की वकालत की है। 
     

  • Massoth azar commonder killed

    Views3, May 2019, 1:01 PM IST

    मसूद अजहर पर प्रतिबंध भारतीय कूटनीति की बड़ी सफलता: इसे कमतर ना करें

    जिस मसूद अजहर को इमरान खान के एक मंत्री संसद में मसूद अजहर साहब कह रहे थे उसके खिलाफ आज उसे कदम उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। भारत की सघन कूटनीति के सामने पाकिस्तान की कोशिश अंततः असफल हुई तथा चीन को समझ आ गया कि मसूद अजहर जैसे आतंकवादी को रक्षा कवच देना उसके लिए अब जोखिम भरा है। पाकिस्तान और चीन को यह महसूस कराना भारतीय विदेश नीति की सामान्य सफलता नहीं है। 

  • Masood

    Views16, Mar 2019, 5:28 PM IST

    मसूद को बचाने वाला चीन पड़ गया है दुनिया मे अकेला

    क्या यह मान लिया जाए कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद  के आका मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् द्वारा आतंकवादी घोषित न किया जाना भारत की कूटनीतिक विफलता है? कम से कम कांग्रेस का आरोप तो यही है। लेकिन क्या यह सच है?  पढ़िए वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार का विश्लेषण-