1971 War  

(Search results - 5)
  • Indira Gandhi And India's Victory Over Pakistan In 1971

    NewsNov 20, 2019, 10:10 AM IST

    इंदिरा गांधी और पाकिस्तान पर उनकी जीत

    भारत की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर, 1917 को इलाहाबाद में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। वह स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री अपने पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद सबसे लंबे समय तक देश की प्रधानमंत्री रहीं।

  • India,Imran Khan 'Niazi', Pakistan, ON, imran khan niazi,bangladesh, 1971 war

    NewsSep 28, 2019, 6:07 PM IST

    जब भारत ने इमरान खान से कहा ‘नियाजी’ तो जानें क्यों शर्म से झुक गया पाक पीएम का सिर

    संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत की तरह से प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने भारत का पक्ष रखा। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद के मामले में घेरा। जिसको लेकर पाकिस्तान खुद को बचाने की कोशिश करता रहा। मैत्रा ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार का जिक्र करते हुए बलूचिस्तान, सिंध समेत कई हिस्सों में पाकिस्तान सेना को संयुक्त राष्ट्र संघ में दुनिया के सामने बेनकाब किया। लेकिन इसी दौरान मैत्रा ने पाक पीएम इमरान खान का पूरा नाम इमरान खान नियाजी कहा तो पाकिस्तान का सिर शर्म से झुक गया।

  • Pakistan army challenges India again

    NewsMay 1, 2019, 12:00 PM IST

    हर बार मात खाने के बाद भी बंद नहीं हो रहा है पाकिस्तानी सेना का बड़बोलापन

    पाकिस्तान की सेना हर मोर्चे पर बार बार भारत से मात खाकर बेइज्जत होती है। लेकिन फिर भी बढ़ चढ़कर बयान देने की उसकी आदत जा नहीं रही है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने एक बार फिर बड़बोलापन दिखाते हुए भारत को धमकी दी है। 

  • UNFORGETTABLE WAR 1971 BETWEEN INDIA-PAKISTAN, HINDI CINEMA BASED ON 1971 WAR

    EntertainmentDec 16, 2018, 3:05 PM IST

    विजय दिवस: भारतीय सिनेमा ने दिखाई शूरवीरों की अमर कहानियां

    सन 1971 के भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के बारे में शायद ही कोई भारतीय नहीं जानता होगा। इस युद्ध में हुई जीत भारत की सबसे बड़ी जीत में से एक है।

  • Hero-of-1971-longewala-battle hero brigadier-kuldip-singh-chandpuri-dies

    NewsNov 17, 2018, 1:52 PM IST

    1971 की लोगेंवाला की जंग के नायक कुलदीप सिंह चांदपुरी का निधन

    100 से ज्यादा जवानों के साथ मिलकर धूल में मिला दिया था 3000 जवानों और टैंकों वाली पाकिस्तान फौज का मंसूबा।